अमर उजाला मार्केट संवाद में फूटा कारोबारियों का दर्द, बोले-सुविधाओं के अभाव में व्यापार करना हो रहा मुश्किल
-चोरी से भी परेशान हैं कारोबारी, जिम्मेदारों से निजात दिलाने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्वी दिल्ली।
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सबसे व्यस्त कारोबारी इलाकों में शामिल जाफराबाद मार्केट खुद बदहाल व्यवस्थाओं की मार झेल रही है। ग्राहकों की भीड़ और रोजाना लाखों रुपये का कारोबार करने वाले इस बाजार में व्यापारियों को टूटी सड़कों, अतिक्रमण और सुरक्षा संबंधी समस्याओं के बीच कारोबार करना पड़ रहा है। अमर उजाला की ओर से आयोजित मार्केट संवाद कार्यक्रम के दौरान दुकानदारों ने बाजार की जमीनी हकीकत सामने रखते हुए कहा कि सालों से चली आ रही समस्याओं के समाधान की ओर संबंधित विभागों का ध्यान नहीं है।
दुकानदार बोले, बारिश में हालत और भी हो जाती है खराब : कारोबारियों ने बताया कि बाजार की कई सड़कें उखड़ी हुई हैं और जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं। इससे ग्राहकों और व्यापारियों, दोनों को परेशानी उठानी पड़ती है। खराब सड़कें न केवल बाजार की छवि खराब कर रही हैं, बल्कि सामान की ढुलाई और आवागमन को भी प्रभावित कर रही हैं। दुकानदारों ने कहा कि बरसात के दौरान हालात और खराब हो जाते हैं। इस दौरान सड़कों पर जलभराव और कीचड़ की समस्या खड़ी हो जाती है।
बाजार में रेहड़ी और रिक्शा से पैदल निकलना भी मुश्किल : व्यापारियों ने दुकानों के सामने बढ़ते अतिक्रमण को भी बड़ी समस्या बताया। उनका कहना है कि रेहड़ी-रिक्शा और अस्थायी ठेले खड़े होने के कारण बाजार के रास्ते संकरे हो जाते हैं। कई स्थानों पर लोगों को पैदल निकलने तक में दिक्कत होती है। इससे बाजार में अक्सर जाम जैसी स्थिति बन जाती है और खरीदारी के लिए आने वाले लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी व्यापारियों ने चिंता जताई। उनका कहना है कि रात के समय बाजार में चोरी की घटनाएं बढ़ गई हैं। इससे कारोबारियों में डर का माहौल बना हुआ है। व्यापारियों ने बाजार में पुलिस गश्त बढ़ाने, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी मजबूत करने और पर्याप्त स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग की। दुकानदारों का कहना है कि जाफराबाद जैसा प्रमुख बाजार यदि बुनियादी सुविधाओं के लिए ही जूझता रहेगा, तो इसका सीधा असर कारोबार और ग्राहकों की सुविधा पर पड़ेगा। उन्होंने संबंधित विभागों से जल्द कार्रवाई कर बाजार की समस्याओं का स्थायी समाधान करने की मांग की।
दुकानों के सामने रेहड़ी-रिक्शा और ठेले लगने से रास्ता संकरा हो जाता है। इससे ग्राहकों और व्यापारियों, दोनों को परेशानी उठानी पड़ती है। मोहम्मद जुबैर, दुकानदार
बाजार की सड़कें लंबे समय से टूटी हुई हैं। ग्राहकों को दुकानों तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार ग्राहक खराब रास्ते देखकर बाजार में आने से भी कतराते हैं। साहिल खान, दुकानदार
बाजार में सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। कई स्थानों पर कूड़ा जमा रहता है, जिससे बाजार की छवि खराब होती है और ग्राहकों को भी असुविधा होती है। सोहेल, दुकानदार
रात के समय बाजार में सुरक्षा की कमी महसूस होती है। चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए नियमित पुलिस गश्त और सीसीटीवी निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए। मुजम्मिल, दुकानदार