क्या संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत राष्ट्रपति के आदेश के बिना जम्मू-कश्मीर में कोई संवैधानिक संशोधन लागू होता है या नहीं। क्या न्यायाधीशों के लिए वहां संविधान का क्रियान्वयन अनिवार्य है या नहीं।
क्या जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट के न्यायाधीश संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ लेते हैं या नहीं। हाईकोर्ट ने इस मुद्दे पर केंद्र और जम्मू-कश्मीर सरकार से जवाब मांगा है।
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस जी रोहिणी और न्यायमूर्ति जस्टिस संगीता ढींगरा सहगल की पीठ ने दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि फिलहाल वे इस मामले में गुणदोष में जाए बिना सुनवाई करेंगी।
खंडपीठ ने यह आदेश उस समय दिया जब याचिकाकर्ता के वकील ने आरोप लगाया कि ऐसा लगता है कि जम्मू कश्मीर में हाईकोर्ट के न्यायाधीश भारतीय संविधान को लागू करने के लिए बाध्य नहीं हैं।