फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिंदू युवा वाहिनी में आसानी से नहीं होगी एंट्री, खुफिया विभाग भी करेगा निगरानी

Fri, 31 Mar 2017 09:49 AM IST
मनोज कुमार/अमर उजाला, नोएडा

सार

पुराने और निष्क्रिय पदाधिकारियों पर दिखाया जाएगा विश्वास
संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं की
संगठन में अराजक तत्वों को रोकने के निर्देश, स्क्रीनिंग से लिए जाएंगे सदस्य
विज्ञापन
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यूपी में हिंदू युवा वाहिनी संगठन की योगी आदित्यनाथ ने साल-2002 में रामनवमी के दिन स्थापना की थी। कुछ दिन पहले तक संगठन के पदाधिकारी सक्रिय नहीं थे, लेकिन जैसे ही आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने तो अचानक से युवा वाहिनी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता सक्रिय हो गए।
विज्ञापन


सीएम बनने के बाद कुछ जिलों में संगठन के कार्यकर्ताओं की शिकायतें भी मिलीं। इस पर योगी ने संगठन के बडे़ पदाधिकारियों से कहा कि वह हर जिले में जाएं औैर पदाधिकारियों और कर्मचारियों को संयमित रहने के निर्देश दें। इस मुद्दे को लेकर अमर उजाला ने हिंदू युवा वाहिनी संगठन के संभाग प्रभारी प्रो. नागेंद्र प्रताप तोमर से बातचीत की।

उन्होंने बताया कि हिंदू युवा वाहिनी का गठन योगी आदित्यनाथ द्वारा जातिवाद को समाप्त करने के लिए किया गया था, ताकि जाति भूलकर लोग हिंदुत्व पर कायम रह सकें। जब तक सभी जाति के लोग हिंदुत्व की भावना से प्रेरित नहीं होंगे तब तक देश विकास नहीं कर पाएगा। योगी ने जातिवाद को कैंसर का नाम दिया है जो देश को खत्म कर देगा।
विज्ञापन


तोमर बताते हैं कि मेरठ और सहारनपुर के दोनों मंडलों की जिम्मेदारी उनके पास है। हाल ही में मुख्यमंत्री ने उन्हें निर्देश दिए हैं कि वह प्रत्येक जिले में जाएं और वहां पर पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को कार्यशैली के बारे में बताएं, चूंकि अभी तक हिंदु युवा वाहिनी संगठन विपक्ष में था, लेकिन अब पक्ष में आ गया है।

इसलिए किसी भी कार्यकर्ता द्वारा अभद्रता नहीं की जाए। उन्होंने बताया कि संगठन के कुछ लोग निष्क्रिय हो गए थे जो अब सक्रिय हो गए हैं। सबसे पहले प्राथमिकता पुराने कार्यकर्ताओं को दी जाएगी और दूसरे नंबर पर निष्क्रिय पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता होगी।
 
विज्ञापन

पुरानी कार्यकारिणी की जाएगी खत्म

मुख्यमंत्री के संगठन से जुड़ने को लेकर अचानक प्रक्रिया तेज हो गई है, लेकिन सभी जिलों में इस प्रक्रिया को फिलहाल रोका गया है। संगठन से जुड़ने के लिए कुछ आपराधिक-असामाजिक तत्व भी सक्रिय हो गए हैं।

संगठन में लोगों को जोड़ने से पहले उनकी स्क्रीनिंग की जाएगी जिसमें उनके आचार-विचार से लेकर समाज की छवि और को देखा जाएगा। इसके बाद संगठन के कुछ लोगों से उनके व्यवहार को लेकर विश्वास भी दिलवाया जाएगा कि वह संगठन की छवि को धूमिल नहीं करेंगे।

गौतमबुद्ध नगर की जिला कार्यकारिणी से जो उपेक्षाएं थीं वह उन पर खरा नहीं उतर पा रही हैं। 5 अप्रैल को होने वाली बैठक में पुरानी कार्यकारिणी को खत्म करके नई कार्यकारिणी तैयार की जाएगी। इसके लिए प्रभारी मदन प्रधान को जिम्मेदारी दी गई है। जल्द ही नई कार्यकारिणी गठित करके काम कराया जाएगा।- प्रोफेसर नागेंद्र प्रताप सिंह तोमर, संभाग प्रभारी

दो सौ से ज्यादा पदाधिकारी और कार्यकर्ता हैं जिले में
गौतमबुद्ध नगर में करीब 50 पदाधिकारी हैं और 170 कार्यकर्ता हैं। जिले में फिलहाल किसी की नई ज्वाइनिंग पर रोक है और संभाग प्रभारी प्रोफेसर नागेंद्र सिंह तोमर के निर्देश पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।- हरीराम, महामंत्री
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें