जनपद में फोरेंसिक साइंस लेबोरेट्री (एफएसएल) बनाई जाएगी। शासन ने विधि विज्ञान प्रयोगशाला की क्षेत्रीय इकाई के लिए 28 लाख 7 हजार रुपये स्वीकृत किए हैं।
इसके लिए निवाड़ी में 1.922 हेक्टेयर जमीन चिंहित की गई है। राजकीय निर्माण विभाग को इसके निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यहां गाजियाबाद के अलावा, मेरठ जोन, बरेली जोन, सहारनपुर रेंज और मुरादाबाद के भी नमूनों की जांच की जाएगी।
पिछले साल प्रपोजल शासन को भेजा गया था। गाजियाबाद के 50 से ज्यादा केसों के नूमने अभी भी आगरा फोरेंसिक लैब में जांच के लिए गए हुए हैं, जिनकी रिपोर्ट नहीं आई है।
फोरेंसिक साइंस लेबोरेट्री बनने के बाद जांच के लिए आगरा फोरेंसिक लेबोरेट्री भेजे जाने वाले नमूनों की जांच यहीं होगी। जांच रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
अभी तक सालों विसरा रिपोर्ट आदि जांचें अटकी रहती हैं, जिस वजह से केस पेंडिंग पड़े रहते हैं। एफएसएल के लिए जो जमीन चिंहित की गई है, वह मोदीनगर तहसील के निवाड़ी परगना जलालाबाद में है।
इलाहाबाद, गोरखपुर और झांसी भी बनेगी लेबोरेट्री
गाजियाबाद के अलावा गोरखपुर, इलाहाबाद और झांसी में भी एफएसएल की क्षेत्रीय इकाई बनाई जाएगी। इन तीनों स्थानों पर एफएसएल के लिए भी 28-28 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
गोरखपुर में यह 0.810 हेक्टेयर जमीन में बनाई जानी है और इलाहाबाद में 1.417 हेक्टेयर जमीन में। झांसी के लिए जमीन चिंहित की जानी है। शासन ने इस संबंध में सभी जिलों के पुलिस प्रमुखों को आदेश भेज दिए हैं।