दिल्ली मेट्रो परिसर में तय समय से अधिक रुकने पर यात्रियों को भारी पड़ेगा। क्योंकि पहले वे सिर्फ दस रुपये का जुर्माना देकर बच जाते थे लेकिन अब उन्हें दस रुपये प्रतिघंटा व अधिकतम पचास रुपये तक जुर्माना देना पड़ेगा।
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इतना ही नहीं टिकट दर के अनुसार मेट्रो परिसर में रुकने की समय सीमा भी निर्धारित की गई है। हालांकि अधिकतम सीमा 170 से बढ़ाकर 180 मिनट यानी तीन घंटे कर दी गई है।
मेट्रो ने बढ़ती भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए सोमवार से इसे लागू करने के आदेश जारी कर दिए हैं। हालांकि नई जुर्माना राशि एक फरवरी से लागू होगी।
दिल्ली मेट्रो के राजधानी समेत एनसीआर के कुल 160 मेट्रो स्टेशन की सभी लाइनों में सफर करने के दौरान यात्रियों को (मेट्रो परिसर एएफसी गेट की एंट्री व निकलने के बीच) के अंदर रुकने के लिए अभी तक 170 मिनट का समय मिलता था।
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18 रुपये किराये में 65 मिनट में नौ स्टेशन का सफर
अब 11 जनवरी से यह बढ़कर 180 मिनट अधिकतम हो जाएगा। बेशक मेट्रो ने दस मिनट का समय बढ़ाया है, लेकिन तीन वर्गों में समय निर्धारित कर दिया है।
पहले सात रुपये की टिकट से लेकर 32 रुपये की टिकट तक यात्री को मेट्रो परिसर में एक समान 170 मिनट का समय रुकने को मिलता था। जबकि एनसीआर में एक छोर से दूसरी छोर तक पहुंचने में करीब पौने दो घंटे का समय लगता है।
तय दूरी में अधिक समय तक मेट्रो परिसर में यात्रियों को रुकने देने का निर्णय उनको सुविधा के लिए शुरू हुआ था। लेकिन बाद में यात्रियों के अनावश्यक मेट्रो में घूमते रहने के चलते मेट्रो ट्रेन व परिसर भीड़ बढ़ने लगने लगीं।
18 रुपये किराये में यात्री नौ स्टेशन तक सफर
नए नियम से मेट्रो में सिर्फ सफर करने वाले यात्रियों को कोई असुविधा नहीं होगी। क्योंकि नए नियम के पहले वर्ग के18 रुपये तक किराये में यात्री को 65 मिनट का समय मिलेगा। मेट्रो में 18 रुपये किराये में यात्री नौ स्टेशन तक सफर कर सकता है।
जबकि मेट्रो ट्रेन में नौ स्टेशनों का सफर करीब 20 से 25 मिनट में पूरा हो जाता है। ऐसे में नए नियम के तहत भी यात्री के पास अतिरिक्त 40 मिनट का समय रहेगा।
ऐेसे ही 23 रुपये तक टिकट में 14 स्टेशन और सौ मिनट और 23 रुपये से अधिक मूल्य की टिकट में 15 स्टेशन से अधिक सफर और 180 मिनट का समय मिलेगा।
कुल मिलाकर यात्री के पास नए नियम में भी सफर के अलावा भी करीब एक से सवा घंटे का अतिरिक्त समय रहेगा। भीड़ को नियंत्रित करने व युवा जोड़ों की मटरगश्ती पर रोक लिए डीएमआरसी का यह कदम माना जा रहा है।
ये रहा किराए का पूरा विवरण :
किराया----------------मेट्रो परिसर में रुकने की समय सीमा (मिनट में ) 18 रुपये तक------------65 23 रुपये तक------------100 23 रुपये से अधिक---------180
महीना-------------यात्रियों की संख्या (जुर्माना ) जुलाई--------------1,18,916 अगस्त-------------1,27,783 सितंबर-------------1,27,897 अक्तूबर ------------1,24,329 नवंबर-------------1,13,972 दिसंबर-------------1,08,513
मेट्रो में एक लाख से अधिक यात्रियों पर प्रति महीना तय समय से अधिक रुकने पर जुर्माना लगाना पड़ा रहा है। नियम बेशक 11 जनवरी से लागू होगा लेकिन जुर्माना राशि एक फरवरी से देनी होगी।
11 जनवरी से 31 जनवरी तक यदि यात्री तय समय से अधिक मेट्रो परिसर में रूकता है तो एएफसी गेट पर निकलने के दौरान स्मार्ट कार्ड या टोकन एरर नंबर 159 आएगा।
यात्री से इस अवधि में जुर्माना नहीं लेंगे, लेकिन उसे कस्टमर केयर पर जाकर अपना कार्ड या टोकन देने के बाद ही वह स्टेशन से बाहर निकल सकेगा। जुर्माना दस रुपये से लेकर पचास रुपये तक होगा। -अनुज दयाल, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, कम्यूनिकेशन, डीएमआरसी।