अमर कॅालोनी की सीलिंग का मसला एक बार फिर गरमा गया है। स्पेशल प्रोविजन एक्ट 2007 का हवाला देते हुए दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने पहले सीलिंग से मना कर दिया था।
इससे नाराज मॉनिटरिंग कमेटी ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में शिकायत करने का फैसला लिया है। दूसरी तरफ दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन ने भी कमेटी के अध्यक्ष भूरेलाल को पत्र लिखकर गुजारिश की थी कि 2020 तक सीलिंग की कार्रवाई न की जाए।
इससे पहले मॉनिटरिंग कमेटी ने मंगलवार से अमर कॉलोनी में सीलिंग की कार्रवाई करने का फैसला किया था। लेकिन दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने कमेटी को बताया कि कॉलोनी का मालिकाना हक रखने वाले भूमि एवं विकास ऑफिस का मानना है कि कॉलोनी को स्पेशल प्रोविजन एक्ट-2007 के तहत सीलिंग की कार्रवाई से छूट मिली हुई है। ऐसी हालत में कॉलोनी में सीलिंग की कार्रवाई नहीं हो सकती।
दूसरी तरफ कमेटी का कहना है कि कॉलोनी 2007 के कानून के दायरे में नहीं आती। इस बारे में सुप्रीम कोर्ट में शिकायत करने का फैसला कमेटी ने किया है। कमेटी का यह भी कहना है कि कानून का सहारा लेकर आवासीय संपत्तियों को व्यावसायिक संपत्ति में नहीं बदला जा सकता।
सत्येंद्र जैन ने भी लिखा कमेटी का पत्र
दूसरी तरफ दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन ने भी मॉनिटरिंग कमेटी को पत्र लिखा है। उनका कहना है कि कॉलोनी का विकास 2007 से पहले हुआ था। ऐसे में कालोनी 2007 के एक्ट के दायरे में आता है। उन्होंने गुजारिश की है कि वह दक्षिणी दिल्ली एमसीडी को सीलिंग न करने के बारे में निर्देश जारी करे।