पाकिस्तान से लिए जासूसी मामले में गिरफ्तार सेना से रिटायर हवलदार मुनव्वर अहमद मिर से पूछताछ में एक और बड़ा और सनसनीखेज खुलासा हुआ है। मुनव्वर अहमद जम्मू कश्मीर के एक विधायक के संपर्कमें था।
वह विधायक का राइट हैंड बना हुआ था। दिल्ली पुलिस अधिकारी कह रहे हैं कि ये शुरुआती जांच है। विधायक की भूमिका की जांच की जा रही है।
हालांकि शुक्रवार शाम तक विधायक की कोई संदिग्ध भूमिका सामने नहीं आई थी। गिरफ्तार सेना का हवलदार कई सालों से विधायकों के संपर्क में था।
हैंडलर को गुप्त सूचनाएं व गोपनीय दस्तावेज भेजता था
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कफायतउल्ला की तरह हवलदार मुनव्वर अहमद भी सीधा पाक में बैठे आईएसआई हैंडलर के संपर्क में था।
वह सीधे हैंडलर को गुप्त सूचनाएं व गोपनीय दस्तावेज भेजता था। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि पाक में बैठे आईएसआई हैंडलर के संपर्क में पहले कफायतउल्ला आया या फिर सेना से रिटायर हवलदार मुनव्वर।
हालांकि मुनव्वर को कफायतउल्ला के खुलासे के बाद गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली में मुनव्वर अहमद व कफायतउल्ला को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी।
पूर्वी एरिया व खाड़ी देशों के जरिए रकम आती थी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मुनव्वर भी ई-मेल, वॉट्सऐप आदि के जरिए आईएसआई को गुप्त सूचनाएं भेजता था। गुप्त सूचनाएं भेजने की एवज में मुनव्वर के बैंक खाते में पूर्वी एरिया व खाड़ी देशों के जरिए रकम आती थी।
मुनव्वर 2011 में सेना से रिटायर हुआ था। माना जा रहा है कि वह ड्यूटी के दौरान से ही गुप्त सूचनाएं दे रहा था। हालांकि यह तय माना जा रहा है कि वह 2013 से तो सूचनाएं जरूर दे रहा था।
सूचना लेने के लिए वह सेना के जम्मू-कश्मीर स्थित कार्यालयों में जाता रहता था और सेना के लोगों से संपर्क बनाए रखता था। सेना के जवान उसे पुराना कर्मी और जान पहचान होने के कारण अनजाने में गुप्त सूचनाएं बताते रहते थे।