बेमौसम ओलावृष्टि और बरसात की मार झेल रहे किसान के लिए एक और बुरी खबर है। गाजियाबाद को प्रशासन ने मुआवजे के दायरे से बाहर रखा है। प्रशासन की माने तो गाजियाबाद में फसलों को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ।
उधर किसानों ने प्रशासनिक रिपोर्ट का झूठा करार दिया है। इस रिपोर्ट के बाद से किसानों में गुस्सा पनपने लगा है। यही कारण है कि शुक्रवार को किसानों ने मोदीनगर तहसील का घेराव किए जाने का ऐलान किया है।
मोदीनगर तहसीलदार के माध्मय से भेजी गई रिपोर्ट बताती है कि मोदीनगर में बेमौसम की बरसात से औसतन 28 प्रतिशत फसल को ही नुकसान हुआ है। इसी प्रकार बृहस्पतिवार दोपहर डीएम विमल कुमार शर्मा और एसडीएम सदर केशव कुमार अपने दल-बल के साथ दुहाई और गांव भिक्कनपुर में फसलों का निरीक्षण करने पहुंचे।
एसडीएम केशव कुमार का कहना है कि फसलें सुरक्षित हैं और मामूली नुकसान हुआ है। एसडीएम के अनुसार मात्र 5 से 10 फीसदी फसल को ही नुकसान हुआ है।
प्रशासन के इस रवैय पर भाजपा किसान प्रकोष्ठ के नेता सुधीर चौधरी ने कड़ा ऐतराज जताया है। उनका कहना है कि प्रशासन जमीनी हकीकत देखे। किसानों की फसल बर्बाद हुई है, और प्रशासन गलत रिपोर्ट पेश कर रहा है।
सरसों और आलू की 65 फीसदी के साथ ही गेहूं और आम की 40 प्रतिशत तक फसल खराब हो गई है। किसान परेशान है और प्रशासनिक अधिकारी आफिसों में बैठकर फर्जी आंकडे़ बना रहे हैं। किसानों के हक को मरने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए आंदोलन किया जाएगा।- सुधीर चौधरी, किसान नेता
प्रशासनिक अधिकारी अगर उनके गांव आए थे तो कम से कम प्रधान को ही सूचित कर देते। हम दिखाते कि किसान की फसल कहां और कितनी खराब हुई है। किसान कृष्णवीर की 20 बीघा फसल खराब हुई है। काश अधिकारी एक बार उसके खेत का हाल भी देख लेते।- मीनू, प्रधानपति गांव भिक्कनपुर
गाजियाबाद में तीन किसान राहत नियंत्रण कक्ष स्थापित
बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि को देखते हुए डीएम ने किसानों की सुविधा के लिए किसान राहत नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं। तीनों तहसील गाजियाबाद, लोनी और मोदीनगर में यह नियंत्रण कक्षा स्थापित किए गए हैं। डीएम विमल कुमार शर्मा ने आदेश दिया है कि नियंत्रण कक्ष पर आने वाली किसानों की प्रत्येक समस्या को गंभीरता से लिया जाए और उस पर त्वरित कार्रवाई की जाए।