फरीदाबाद के बीके अस्पताल में शनिवार को व्यवस्थाओं की पोल खुल गई।
बात तब की है जब मरीजों की भीड़ देखकर दवा खिड़की के फार्मासिस्ट ने मशीन से टोकन वितरण रोक पुराने टोकन थमा दिए। लेकिन इन टोकनों का नंबर डिस्पले बोर्ड पर जारी न होने से मरीजों को दवा के लिए घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ा।
बीके अस्पताल आंकड़ो के अनुसार ओपीडी में 650 नए मरीज, 850 पुराने मरीज जांच के लिए पहुंचे थे। सुबह करीब 11:30 बजे मरीजों की भीड़ अचानक बढ़ गई। मरीजों की अधिक भीड़ देखकर फार्मासिस्ट घबरा गए।
जिसके बाद फार्मासिस्टो ने टोकन खिड़की से पुराने नंबर देना शुरू कर दिया। दवा के लिए परेशान हो रहे मरीजों ने इसकी शिकायत पीएमओ डॉ. किशन कुमार से की। लेकिन उनकी ओर से भी उचित उपाय नहीं किए गए।
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दरअसल, टोकन सिस्टम में एक बार जो नंबर दर्ज हो जाता है उस टोकन नंबर की स्लिप दोबारा जारी नहीं होती। यह प्रक्रिया एक माह तक जारी रहती है।
शनिवार को पुराने टोकन नंबर जारी होने से डिस्पले बोर्ड पर तो नए नंबर दिखाई दिए। लेकिन यह नंबर मरीजों को दिए गए टोकन नंबर के नहीं थे। जिस कारण मरीजों को दवा लेने में काफी परेशानी हुई।
पीएमओ डॉ. किशन कुमार ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। मंगलवार को इस बावत कार्रवाई की जाएगी।