स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए आईआईटी जैसी फैकल्टी स्कीम शुरू करने की योजना बना रहा विवि
आईपीयू के कुलपति ने अटल इनक्यूबेशन सेंटर में सभी डीन और निदेशकों के साथ की बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (आईपीयू) में आईआईटी की तर्ज पर स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए फैकल्टी स्कीम शुरू करने की योजना बना रहा है। आईपीयू कुलपति पद्म श्री प्रो डॉ. महेश वर्मा ने इसके लिए अटल इनक्यूबेशन सेंटर (एआईसी) में विवि के सभी डीन और निदेशकों के साथ बैठक की। इस अवसर पर चार नए स्टार्टअप के कार्य प्रोफाइल प्रदर्शित किए गए। केंद्र में पहले से ही कई स्टार्टअप इनक्यूबेशन में हैं।
कुलपति पद्मश्री प्रो डॉ महेश वर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय के स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने के लिए फैकल्टी स्कीम्स शुरू करना आवश्यक है। उन्होंने पीएचडी स्कॉलर्स से समाज की सेवा के लिए मौलिक अनुसंधान के अलावा नए स्टार्टअप की ओर अपने शोध परियोजनाओं को निर्देशित करने का आग्रह किया।
कुलपति ने कहा कि अनुसंधान संस्थानों के लिए उद्योग, सरकार और फंडिंग एजेंसियों के साथ जुड़ना आवश्यक हो रहा है जिससे प्रासंगिक और अनुप्रयोग आधारित अनुसंधान को बढ़ावा दिया जा सके।
आईआईटी फैकल्टी स्टार्टअप को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से समर्थन देते हैं, जिसमें समर्पित उद्यमिता, इनक्यूबेशन फंडिंग और बाहरी संगठनों के साथ साझेदारी शामिल है। बैठक में एआईसी के सीईओ हेमंत श्रीवास्तव ने बताया कि अपनी स्थापना के केवल दो वर्षों में ही नीति आयोग द्वारा अटल इनक्यूबेशन सेंटर को नीति आयोग द्वारा देश के शीर्ष पांच इनक्यूबेशन केंद्रों में इसे शामिल किया गया है। विश्वविद्यालय को परिसर में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए लीड नॉलेज इंस्टीट्यूशन का दर्जा भी दिया गया है।