कोविड-19 के बढ़ते प्रसार के बीच इसका जल्द पता लगाने के लिए आईपीयू के प्रोफेसर रिसर्च करेंगे। इसके लिए सरकार से गुरु गोबिंद सिंह इन्द्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (आईपीयू) को एक रैपिड डिटेक्शन किट बनाने के लिए एक प्रोजेक्ट मिला है।
इस रिसर्च टीम का नेतृत्व आईपीयू विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ बॉयोटेक्नॉलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ गौरव पांडेय करेंगे। उनके अलावा आईआईटी के डॉ अनुराग ठाकुर, मेडसोर्स ओजोन प्राइवेट लिमिटेड केप्रतीप मित्तल भी इसमें शामिल हैं।
यह टीम रैपिड डिटेक्शन किट तैयार करने के लिए अन्य इंस्टिट्यूट की टीम का नेतृत्व करेगी। कुल 98 लाख रुपये के इस प्रोजेक्ट प्रपोजल को डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नॉलजी के बायोटेक्नॉलजी इंडस्ट्री रिसर्च काउंसिल ने मंजूर कर दिया है।
अब यह टीम एंटीजीन कंपोनेंट को तैयार करने की प्रक्रिया पर काम शुरु करेगी। यह ऐसे डिवाइस तैयार करेंगे जिससे कि टेस्ट 15-20 मिनट केअंदर-अदर रिजल्ट देगा। यह पूरा प्रोजेक्ट एक साल केलिए हैं, हालांकि इसे छ: माह में पूरा करने का दावा किया जा रहा है।
इस प्रोजेक्ट का पूरा करने के लिए सबसे अधिक धनराशि 60 लाख रुपये आईपीयू को, आईआईटी दिल्ली को 21 लाख व मेडसोर्स ओजोन प्राइवेट लिमिटेड को 17 लाख रुपये की राशि मिली है।