कोर्ट ने दीपक गहलावत को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत जमा करने की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राउज एवेन्यू कोर्ट ने तीन करोड़ रुपये के रिश्वत मामले में गिरफ्तार आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत को सशर्त जमानत दे दी। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उन्हें इस मामले में गिरफ्तार किया था और वह करीब एक महीने से न्यायिक हिरासत में थे।
अदालत ने गहलावत को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। उन्हें जांच में सहयोग करने, साक्ष्यों से छेड़छाड़ नहीं करने, गवाहों को प्रभावित नहीं करने और अदालत की अनुमति के बिना देश छोड़कर नहीं जाने के लिए पाबंद किया गया है। सीबीआई की विशेष अदालत के न्यायाधीश सुशांत चांगोत्रा ने कहा कि आरोपी से हिरासत में आगे पूछताछ की आवश्यकता नहीं है। अदालत ने माना कि गहलावत लंबे समय तक हिरासत में रखने से जांच में कोई खास फायदा नहीं होगा। आदेश में कोर्ट ने कहा कि जांच लगभग पूरी हो चुकी है और अब केवल डिजिटल उपकरणों से जुड़ी फॉरेंसिक रिपोर्ट (सीएफएसएल) का इंतजार है। अदालत ने यह भी ध्यान में रखा कि सीबीआई ने अभी तक मामले में चार्जशीट दाखिल नहीं की है।
सीबीआई का आरोप है कि गहलावत ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर एक आपराधिक मामले की जांच प्रभावित करने के लिए तीन करोड़ रुपये की रिश्वत की साजिश रची, जिसमें एक करोड़ रुपये हवाला के जरिए अग्रिम भेजे गए। वहीं, बचाव पक्ष ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि गहलावत के खिलाफ रिश्वत मांगने या रकम प्राप्त करने का कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं है।