फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

iPhone Hacking: साइबर अटैक अलर्ट पर सौरभ भारद्वाज बोले- फोन हैक करने की कोशिश, इन नेताओं को भी आया मैसेज

Tue, 31 Oct 2023 01:17 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

iPhone Hacking: मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि कई विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया गया है। एप्पल फोन को हैक करने की कोशिश की गई है। इससे पहले भी सरकार के ऊपर जासूसी के आरोप लगे हैं। राघव चड्ढा के मोबाइल पर भी ऐसा ही मैसेज आया है। 
विज्ञापन
दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ऐसा कहा जाता है कि आईफोन यानी एप्पल के फोन को हैक नहीं किया जा सकता है। लेकिन हाल ही में आए चौंकाने वाले खुलासे ने सबको हैरान कर दिया है। विपक्ष के कई नेताओं ने दावा किया है कि उनके फोन को हैक करने की कोशिश की गई है। दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज और आप नेता राघव चड्ढा ने इस साइबर अटैक मैसेज के बारे में जानकारी दी है। 

विज्ञापन


मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि कई विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया गया है कि एप्पल फोन को हैक करने की कोशिश की गई है। यह एक गंभीर मामला है। केंद्र सरकार को इस मामले पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। इससे पहले भी सरकार के ऊपर जासूसी के आरोप लगे हैं। राघव चड्ढा के मोबाइल पर भी ऐसा ही मैसेज आया है। 
 

राघव चड्ढा को भी आया साइबर अटैक अलर्ट का मैसेज
जानकारी के लिए बता दें कि आप सांसद राघव चड्ढा को आईफोन पर सिक्योरिटी थ्रेट अलर्ट का मैसेज आया था। वहीं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के ओएसडी को भी सिक्योरिटी अलर्ट का मैसेज आ चुका है। वहीं दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा, शिवसेना (उद्धव गुट) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी, कांग्रेस नेता शशि थरूर और पवन खेड़ा जैसे नेता भी इसमें शामिल हैं। इन नेताओं ने शिकायत की है। 


 

विपक्ष के नेताओं ने किया दावा
विपक्ष के कुछ नेताओं ने मंगलवार को दावा किया है कि उनके मोबाइल पर फोन निर्माताओं द्वारा एक संदेश भेजा गया है, जिसमें कहा गया कि उनके फोन में सरकार समर्थित हैकरों द्वारा हैकिंग की कोशिश की गई है।
विज्ञापन

पहले भी लगे हैं सरकार पर जासूसी के आरोप
गौरतलब है कि ये पहली बार नहीं है, जब केंद्र सरकार पर विपक्षी नेताओं की जासूसी के आरोप लग रहे हैं। इससे पहले साल 2019 और 2022 में कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि भारत समेत दुनियाभर के 100 से अधिक पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की जासूसी हुई। इसके लिए दुनिया के सबसे ताकतवर हैकिंग सॉफ्टवेयर पेगासस (Pegasus) का इस्तेमाल किया गया था। जिसे इस्राइल की एक कंपनी ने तैयार किया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें