जमानत पर जेल से बाहर आए आप सांसद संजय सिंह बीते चार दिनों से हमलावर हैं। उनके निशाने पर भाजपा, केंद्र सरकार और जांच एजेंसियां हैं। संजय सिंह का मानना है कि मुख्यमंत्री के जेल जाने से आप कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटने की जगह कई गुना बढ़ गया है। मौजूदा सियासी माहौल में अमर उजाला संवाददाता आशीष सिंह ने आप सांसद संजय सिंह से बातचीत की...
पार्टी के सबसे बड़े नेता मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इस समय जेल में हैं, क्या यह बड़ी चुनौती है?
हर कोई जानता है कि मुख्यमंत्री को झूठे आरोप में फंसाया गया है। ऐसा करने से आप के कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटा नहीं है, बल्कि सभी एकजुट हो गए हैं और पूरे जोश के साथ पार्टी के पक्ष में प्रचार कर रहे हैं। पार्टी 23 सीटों पर चुनाव लड़ रही है और हमें उम्मीद है कि हमारा प्रदर्शन बेहतर रहेगा।
आप के नेताओं पर जो आरोप लगे हैं, क्या इससे चुनाव में पार्टी को नुकसान नहीं होगा?
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को केवल चार गवाही के बाद गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि ईडी के सामने 162 गवाह, सीबीआई के सामने 294 गवाह आए। बाकी में क्या हुआ इसकी जानकारी कोर्ट में नहीं दी गई है। हमें कोर्ट पर पूरा भरोसा है और उम्मीद है कि कोर्ट में झूठे दावे टिक नहीं पाएंगे और सभी नेता बाहर आएंगे। जिस आबकारी नीति घोटाले का दावा भाजपा कर रही है उसका सच लोगों के सामने आ गया है। आप इस पक्ष को जनता के सामने रखेगी।
लेकिन विपक्ष आरोप लगा रहा है कि गलत नहीं होते तो कोर्ट से जमानत मिल जानी चाहिए थी?
ऐसा नहीं है। जमानत न मिल पाने के पीछे कानूनी जटिलता हैं। तिहाड़ में करीब 80 फीसदी अंडर ट्रायल कैदी हैं जो लंबे समय से जेल में बंद हैं। ईडी निष्पक्ष जांच नहीं कर रही। आबकारी घोटाले में भाजपा सीधे तौर पर जिम्मेदार है। भाजपा ने इस मामले के एक आरोपी से 55 करोड़ रुपये का चंदा लिया। इसके सबूत भी हैं, लेकिन इसकी जांच कोई नहीं कर रहा। दरअसल भाजपा आप को खत्म करना चाहती है। यही कारण है कि लगातार आप नेताओं पर छापे पड़ रहे हैं।
आप लगातार यह बोल रहीं है कि मुख्यमंत्री ही जेल से सरकार चलाएंगे, ये कैंसे संभव है?
जब सुब्रत रॉय, चंद्रा ब्रदर्स को तिहाड़ जेल में सुविधाएं मिल सकती हैं, तो मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को क्यों नहीं। वह तीन बार के चुने हुए नेता हैं। दिल्ली के हितों में काम करने के लिए उन्हें भी सरकार चलाने की सुविधा दी जानी चाहिए। अरविंद केजरीवाल जेल में रहकर भी सरकार चला सकते हैं। कैबिनेट की बैठक ले सकते हैं।
जमानत पर जेल से बाहर संजय सिंह दूसरे राज्यों में भी प्रचार करेंगे?
कोर्ट ने राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने से मना नहीं किया है। पार्टी यदि तय करती है तो सभी सीटों पर प्रचार करने जाएंगे। दिल्ली-एनसीआर से बाहर जाने के लिए आईओ को जानकारी देनी होगी और इसे देकर कहीं भी जा सकते हैं।
पंजाब में प्रचार कैंसे करेंगे, विपक्ष में कांग्रेस हैं जो इंडिया गठबंधन का हिस्सा है?
यह रणनीति का हिस्सा है। एनडीए गठबंधन में ऐसी कई पार्टियां हैं जो राज्य में एक दूसरे से लड़ती हैं लेकिन दूसरे राज्यों में एक साथ मिलकर चुनाव लड़ती हैं। आप इंडिया गठबंधन के साथ मिलकर सभी सीटों पर मजबूती से चुनाव लड़ेगी। दिल्ली की सभी सीटों पर गठबंधन जीतेगा।