पिता-पुत्र की गिरफ्तारी के बाद एक-एक कर मिला आरोपियों का सुराग, जांच जारी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। उत्तर पूर्वी जिले के नारकोटिक्स सेल ने प्रतिबंधित साइकोट्रोपिक दवाएं सप्लाई करने वाले एक अंतरराज्यीय गैंग के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान नदीम (30), नवनीत (35), आशीष सिन्हा (46), शिव नारायण झा (45) और अमन शर्मा (34) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से 19.70 लाख से अधिक ट्रामाडोल और अल्प्राजोलम टैबलेट और कैप्सूल बरामद किए हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गैंग के अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
उत्तर पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त राहुल अलवाल ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में पहले पिता-पुत्र शिवम गुप्ता और वीरपाल गुप्ता को गिरफ्तार किया था। इनके पास से भी साइकोट्रोपिक दवाएं बरामद की थीं। पूछताछ के बाद पुलिस ने गैंग के लिए काम करने वाले मंडोली निवासी नदीम को गिरफ्तार किया। नदीम का भागीरथ पैलेस में अपना कारोबार है। उससे ट्रामाडोल की 24 कैप्सूल, 16 ट्रामाडोल टैबलेट और 30 अल्प्राजोलम टैबलेट बरामद की। पूछताछ के दौरान आरोपी नदीम ने अपने सप्लायर के बारे में बताया। इसके बाद टीम ने पुलिस टीम ने उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में छापा मारा और सप्लायर नवनीत को गिरफ्तार कर लिया। नवनीत ने बताया कि साइकोट्रोपिक दवाएं अंबेडकर सिटी नोएडा में एक बंद गोदाम में रखी गईं हैं। पुलिस ने गोदाम पर छापा मारकर वहां से दवाइयों वाले 29 कार्टन और 270 ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद किए। इसके बाद पुलिस ने आरोपी आशीष को पकड़ा। आरोपी नवनीत ने बताया कि उसने आशीष सिन्हा से साइकोट्रोपिक दवाइयां ली थीं। बाद में पुलिस ने आरोपी शिव नारायण झा को भी गिरफ्तार किया।