अंतर्राज्यीय गिरोह पुलिस के लिए बड़ी मुसीबत हैं। एक राज्य में अपराध कर ये दूसरे राज्य में छिप जाते हैं। दूसरे राज्य में दबिश के दौरान पुलिस टीम को कई बार परेशानी उठानी पड़ती है।
अपराधियों पर शिकंजे और पुलिस के आपसी सहयोग के लिए उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड के डीजीपी 13 जुलाई को जीबीयू में को-ऑर्डिनेशन बैठक में विचार विमर्श करेंगे।
संगठित अपराधियों के अलावा घुमंतू गिरोह पुलिस के लिए बड़ी मुसीबत बनते हैं। घुमंतू गिरोह का अपराध क्षेत्र में इन्हीं पांच राज्यों में अधिक है, जिनके पुलिस मुखिया को-ऑर्डिनेशन बैठक में शिरकत करेंगे। सभी राज्यों के पुलिस मुखिया मिलकर घुमंतू गिरोह पर शिकंजा कसने की भी रणनीति तैयार कर सकते हैं।
शराब तस्करी पर भी कस सकता है शिकंजा
उत्तर प्रदेश में हरियाणा से शराब तस्करी का कई वर्षों से बड़ा खेल चल रहा है। शराब तस्करी में कई बड़े गिरोह सक्रिय हैं। तस्करी की आड़ में कई बार यह नकली शराब की भी क्षेत्र में बिक्री कर देते हैं। इससे जनहानि का डर बना रहता है। शराब तस्करी को लेकर एक साल पहले यूपी और हरियाणा पुलिस में ठन गई थी और दोनों प्रदेशों के थानों में पुलिसकर्मियों के खिलाफ ही केस दर्ज कर लिया गया था। शराब तस्करी पर रोक लगाने की रणनीति के साथ पुलिस अधिकारी इस तरह का विवाद पुलिस के बीच न हो इस पर भी विचार कर सकते हैं।
13 जुलाई को जीबीयू में पुलिस को-ऑर्डिनेशन बैठक का आयोजन होगा। इसमें यूपी, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड के डीजीपी व अन्य अधिकारी शिरकत करेंगे। बैठक का उद्देश्य आपसी सहयोग बढ़ाकर अपराध व अपराधियों पर अंकुश लगाना होगा।- आशीष श्रीवास्तव, एसपी देहात