आयकर विभाग ने सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल व कॉलेजों के टीडीएस में गड़बड़ी पाई है। आईटी विभाग को आशंका है कि स्कूल प्रबंधन और डीआईओएस कार्यालय की मिलीभगत से गड़बड़ी की गई है। आयकर विभाग ने जांच के लिए पिछले छह वर्षों के दस्तावेज सप्ताह भर में सौंपने को कहा है।
आयकर विभाग ने अपर आयकर आयुक्त निहार रंजन पांडेय के निर्देशन में सोमवार को सूरजपुर स्थित डीआईओएस कार्यालय में सर्वे की कार्रवाई की। टीम ने डीआईओएस पीके उपाध्याय से प्रदेश सरकार से सहायता प्राप्त स्कूल और कॉलेजों के सभी प्रधानाचार्य, शिक्षक और बाकी की सूचना मांगी हैं।
बताते हैं कि जिले में 45 स्कूल और कॉलेज प्रदेश सरकार से स्ववित्त पोषित हैं। इनमें कुल मिलाकर करीब 800 का स्टाफ है। इनमें से ज्यादातर का टीडीएस काटा जाता है। लाखों रुपये का टीडीएस स्कूल व कॉलेज के सरकारी खाते में जमा होना चाहिए।
आशंका है टीडीएस के 50 लाख से अधिक की गड़बड़ी की गई है। आयकर विभाग ने स्कूल व कॉलेजों के सभी स्टाफ का पिछले छह वर्षों के टीडीएस का लेखाजोखा मांगा है। प्रदेश सरकार से स्ववित्त पोषित कुछ कॉलेजों में भवानी शंकर इंटर कॉलेज हाजीपुर, श्री कृष्ण इंटर कॉलेज गढ़ी चौखड़ी, मिहिर भोज इंटर कॉलेज दादरी, जनता इंटर कॉलेज भंगेल, अग्रसेन इंटर कॉलेज, वैदिक इंटर कॉलेज, किसान आदेश इंटर कॉलेज व अमीचंद इंटर कॉलेज आदि शामिल हैं।