नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देशभर में चल रहे विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए यूपी के गाजियाबाद में एक बार प्रशासन ने गुरुवार रात 10 बजे से इंटरनेट बंद करने का फैसला लिया है। प्रशासन का यह कदम जुमे की नमाज से पहले एहतियात के तौर पर लिया गया है। इसके साथ ही पूरे जिले में अलर्ट लागू कर दिया गया है।
जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय व एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा किया। सभी संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढाई गई है। हर विरोध प्रदर्शन की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। पूरे जिले में लगभग चार हजार पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे।
इंटरनेट बंद रहने से एक करोड़ से अधिक का नुकसान
नागरिकता संशोधन कानून का विरोध किए जाने से जिले में इंटरनेट सेवा बंद रहने से विभाग राजस्व वसूली में पिछड़ने लगे हैं। गत सप्ताह चार दिन इंटरनेट सेवा बंद रहने से संभागीय परिवहन को करीब एक करोड़ से अधिक का राजस्व जमा नहीं हो पाया है। जिसे पटरी पर लाने के लिए एआरटीओ ने स्लॉट की संख्या बढ़ा दी है।
बता दें कि संभागीय परिवहन में फीस जमा करने से लेकर अन्य सभी कार्य अब ऑनलाइन किए जाते है। जिसके चलते गत माह संभागीय परिवहन राजस्व वसूली में जनपद प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा था। अफसरों को उम्मीद थी कि दिसंबर माह में जनपद पहले स्थान पर पहुंच सकता है। लेकिन गत सप्ताह इंटरनेट सेवा बंद होने से राजस्व जमा नहीं हो सका। राजस्व जमा न होने से विभाग ने राजस्व वसूली में पिछड़ने से बचने के लिए स्लॉट की संख्या बढ़ा दी है। अब प्रतिदिन 250 स्लॉट पर आवेदक बुक कर सुविधाओं का लाभ ले सकते हैं।
वहीं, चार दिन बाद इंटरनेट सेवा बहाल होने पर बृहस्पतिवार को एआरटीओ कार्यालय पर विभिन्न कार्य को लेकर आवेदकों की भारी भीड़ रही। एआरटीओ प्रशासन मोहम्मद कय्यूम ने बताया कि विभाग के सभी कार्य ऑनलाइन होने से इंटरनेट सेवा बंद होने पर कार्यालय पर काफी फर्क पड़ा है। राजस्व बढ़ाने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। शासन द्वारा दिए गए लक्ष्य के सापेक्ष राजस्व जमा करने का प्रयास किया जाएगा।