नए साल के आगाज के साथ ही दिल्ली विधानसभा चुनावों की भी रणभेरी बज सकती है। वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 20 फरवरी, 2020 को पूरा हो रहा है। इस आधार पर संभावना जताई जा रही है कि नए साल के पहले सप्ताह में अधिसूचना जारी करते हुए जनवरी के आखिरी सप्ताह में मतदान कराया जा सकता है। इसके बाद फरवरी के पहले सप्ताह में मतगणना के साथ ही नई सरकार की राह प्रशस्त की जा सकती है।
चुनाव आयोग की तरफ से बृहस्पतिवार को तैयारियों की समीक्षा की गई। आयोग की तरफ से दिल्ली के मुख्य सचिव व पुलिस कमिश्नर के साथ अलग से एक और बैठक किए जाने के कारण भी चुनावी अधिसूचना जल्द जारी होने की संभावना और प्रबल हो गई है।
भारतीय चुनाव आयोग के मुख्यालय में हुई बैठक में मुख्य चुनाव अधिकारी सुनील अरोड़ा और चुनाव आयुक्तों अशोक लवासा व सुशील चन्द्रा ने प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों से तमाम तरह की जानकारी ली।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने सी-विजिल एप पर मिलने वाली शिकायतों की रियल टाइम में जांच कराने के निर्देश दिए। साथ ही ईवीएम और वीवीपैट मशीनों के प्रशिक्षण पर भी ध्यान दिए जाने को कहा।
बैठक के दौरान दिल्ली के सीईओ रणवीर सिंह ने तैयारियों को लेकर एक प्रस्तुतीकरण दिया। वरिष्ठ नागरिकों को मतदान के लिए आने-जाने की सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारियों पर भी चर्चा की गई। राज्य पुलिस के नोडल ऑफिसर के तौर पर स्पेशल कमिश्नर प्रवीर रंजन ने कानून व्यवस्था की तैयारियों से जुड़ा प्रस्तुतीकरण दिया।
पहली बार डाक पत्र से भी मतदान
इन चुनाव के साथ ही दिल्ली में पहली बार डाक पत्रों से मतदान की व्यवस्था भी लागू हो रही है। चुनाव आयोग ने इस व्यवस्था जुड़ी तैयारियों की भी समीक्षा की।
मतदान केंद्रों पर बनेंगे क्रेच-मोबाइल लॉकर, मौजूद होंगे सेल्फी प्वाइंट
दिल्ली के सीईओ रणवीर सिंह ने आयोग को बताया कि मतदान केंद्रों पर विभिन्न प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिनमें मतदान के दौरान छोटे बच्चों वाली माताओं के लिए क्रेच, मतदाताओं के लिए मोबाइल लॉकर, मतदान को यादगार बनाने के लिए सेल्फी प्वाइंट, वेटिंग एरिया, दिव्यांगों व बुजुर्गों के लिए व्हीलचेयर और रैंप सुविधा आदि शामिल हैं।