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योग दिवस: राजपथ पर राजनाथ सिंह कर रहे हैं योग, नड्डा भी पसीना बहाते दिखे

Fri, 21 Jun 2019 07:45 AM IST
देव कश्यप परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली
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योग करते हुए जेपी नड्डा और राजनाथ सिंह - फोटो : एएनआई
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पांचवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर दिल्ली में राजपथ पर योग कर रहे हैं। दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा और राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) राम लाल दीन दयाल उपाध्याय पार्क में योग कर रहे हैं। 

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डीआरडीओ चीफ डॉ. जी सतीश रेड्डी राष्ट्रीय राजधानी में DRDO सुविधा में योगा करते हुए दिखाई दिए। दिल्ली के केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने योग दिवस के मौके पर योगा किया। 

पांचवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर शुक्रवार सुबह देश में 13 करोड़ लोग एकसाथ ‘हरित योग’ कर रहे हैं। इससे सूती चटाई और प्लास्टिक मुक्त योग की पहल भी दुनिया भर तक पहुंची है। सुबह 7 बजे रांची से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, दिल्ली के राजपथ से राजनाथ सिंह और रोहतक से अमित शाह योग कर रहे हैं। जबकि मोदी सरकार के अन्य सभी मंत्री दिल्ली के विभिन्न स्थानों पर योग करेंगे। आयुष मंत्रालय के अनुसार सभी देशों में भारतीय दूतावासों की ओर से भी योग कार्यक्रम तय हो चुके हैं। दुनिया के 192 देशों के अलावा भारतीय सीमा पर तैनात जवान भी योग कर रहे हैं।  सोशल मीडिया पर इसके लिए योगाडे हैशटैग भी शुरू किया है। 
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मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के निदेशक डॉ. ईश्वर बसाव रेड्डी ने बताया कि इस बार से योग को हरित बनाने का फैसला लिया है। योग के जरिए प्लास्टिक और रबड़ को दूर रखने और पर्यावरण बचाने का संदेश दिया जाएगा। खादी से निर्मित योग मैट, टीशर्ट इत्यादि को पूरी दुनिया में ले जाने पर काम भी तेज हो चुका है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 में जब पहली बार दुनिया में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस भारत की पहल पर मनाया गया। तब से लेकर अब तक योग करने वालों की संख्या तीन गुना से ज्यादा हो चुकी है। 2015 में 3 से 4 करोड़ लोगों ने देशभर में योग किया था। जबकि इस बार संख्या 13 करोड़ से ज्यादा होने का अनुमान है। 

योग पर बहुत कुछ करना बाकी

आयुष मंत्रालय के मुताबिक आने वाले दिनों में योग को लेकर बहुत सी योजनाओं पर काम करना बाकी है। देश के हर अस्पताल में मरीजों को योग के बारे में बताना इनमें से एक है। इसके अलावा मोबाइल एप के जरिए लोगों को योगासन के बारे में बताना, बिगड़ती जीवनशैली में गैर संक्रमणकारी रोगों की दखल को रोकना और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों के जरिए ग्रामीण अंचलों तक योग की शक्ति को ले जाना मुख्य चुनौतियां हैं। 

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