हरियाणा में झारखंड का सांस्कृतिक मजा, साथ में इजिप्ट की संस्कृति और सभ्यता के भी दर्शन..., यानी तीन संस्कृतियों का मेल और हरियाणा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करने का जज्बा एक साथ...। जी हां, ऐसा होने जा रहा है। 31वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्पशिल्प मेले में। इस मेले में थीम स्टेट झारखंड, कंट्री पार्टनर इजिप्ट की संस्कृति और सभ्यता के साथ ही हरियाणा की स्वर्ण जयंती की झलक भी देखने को मिलेगी। हरियाणा स्वर्ण जयंती वर्ष में सूरजकुंड मेले के जरिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा को प्रमोट करने की तैयारी शुरू हो गई है।
एक फरवरी से शुरू होने जा रहे सूरजकुंड मेले में पहली बार झारखंड को थीम स्टेट बनाया गया है। मेला परिसर झारखंड के रंग में रंगा नजर आएगा। साथ ही इस बार हरियाणा के 50 साल के सफर को भी दर्शकों के सामने विशेष तौर पर पेश किया जाएगा। कला, संस्कृति, शिक्षा, खेल, राष्ट्रीय धरोहरों के अलावा हरियाणा की 50 उपलब्धियों को देश विदेश से आए पर्यटकों के सामने दर्शाया जाएगा। मेला हस्तशिल्प तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हैपनिंग हरियाणा की झलक यहां भी दिखेगी। मेले के माध्यम से विदेशों से आनेे प्रतिनिधियों और उद्योगपतियों को निवेश के लिए आकर्षित किया जाएगा। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा को पहचान दिलाने के लिए सूरजकुंड मेले की तैयारियों को अंजाम दिया जा रहा है।
चीन और पाकिस्तान को भी भेजा गया है निमंत्रण
इस बार मेले के लिए 50 से ज्यादा देशों को निमंत्रण भेजा गया है, जिसमें 35 देशों ने शिरकत करने की हामी भर ली है। इसमें पाकिस्तान और चीन भी शामिल हैं। हालांकि, इन दोनों ही देशों के शिल्पकारों और प्रतिनिधियों के मेले में आने को लेकर संशय बना हुआ है। लेकिन निमंत्रण दोनों ही पड़ोसियों को भेजा गया है।
मेले में होगा फ्री वाईफाई जोन
डिजिटल इंडिया की झलक भी अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में दिखेगी। इस बार फूड कोर्ट में फ्री वाईफाई की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। फूड कोर्ट में लजीज व्यंजनों के साथ पर्यटक फ्री इंटरनेट का लुत्फ उठा सकेंगे। मेला प्रशासन ने इसके लिए मोबाइल नेटवर्क प्रदाता कंपनियों से संपर्क करना शुरू कर दिया है।
हट्स का 70 प्रतिशत काम पूरा
मेले में 1000 से ज्यादा हट्स बनाई जा रही हैं। मेला शुरू होने में 47 दिन बाकि हैं। ऐसे में मेले की तैयारियों का काम तेजी से चल रहा है। 750 से ज्यादा हट्स बना दी गई हैं। ठेकेदार निसार अहमद ने बताया कि 31 दिंसबर तक हट्स और दीवारों को नया रंग रूप देने का काम पूरा हो जाएगा।
प्रदेश को मिलेगी अलग पहचान
विदेशों में सूरजकुंड मेले की पहचान है । इसीलिए मेले के माध्यम से हरियाणा की कला संस्कृति को दर्शाया जाएगा। जिससे की प्रदेश की अपनी अलग पहचान बनाई जा सके। सीमा त्रिखा, मुख्य संसदीय सचिव पर्यटन