नोएडा को पांच माह बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम मिल जाएगा। 20 हजार दर्शकों की क्षमता वाले इस स्टेडियम में आईपीएल और ट्वेंटी-ट्वेंटी स्तर के मैच हो सकेंगे।
नोएडा स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम बनाने के लिए 23 दिसंबर 2011 में काम शुरू हुआ। 12.76 एकड़ में बनने वाले इस ग्राउंड को पूरा करने का लक्ष्य मार्च 2013 रखा गया था, मगर विधानसभा चुनाव के चलते कुछ महीने काम अटका रहा। इस कारण समय से पूरा नहीं हो सकेगा।
अब यह जून में तैयार हो जाएगा। करीब 64 करोड़ रुपये की लागत से इसका निर्माण कराया जा रहा है। इसमें दर्शकों के लिए भूतल व प्रथम तल को मिलाकर 56 महिला-पुरुष शौचालय, 12 ड्रेसिंग रूम व लॉकर्स और 24 स्नैक्स व कामर्शियल काउंटर बनेंगे।
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इसका सबसे खूबसूरत हिस्सा साउथ पवेलियन होगा। यह छह मंजिल का होगा। इसके भूतल पर वॉशरूम, सेंट्रल किचन, प्रशासनिक कार्यालय, एग्जिक्यूटिव केबिन, चिकित्सा व चिकित्सक रूम, लॉबी, अंपायर रूम आदि बनेंगे।
प्रथम तल पर खिलाड़ियों के लिए बालकोनी, मैसेज रूम, लाँज, जिमनेजियम, स्नानघर, कोच के लिए कमरा, पैंट्री और डाइनिंग रूम बनेगा। कमेंटेटर, थर्ड अंपायर और मीडिया का ब्लॉक द्वितीय तल पर होगा।
आउटडोर और एग्जास्ट यूनिट तीसरे तल पर होगा। चौथे तल पर वीआईपी और पांचवें व छठे तल पर पैंट्री और कॉन्फ्रेंस रूम होगा।
स्टेडियम के दो व तीन नंबर गेट से खिलाड़ी व वीआईपी प्रवेश कर सकेंगे। प्राधिकरण ने इसे हर हाल में जून तक बना लेने का दावा किया है।
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प्राधिकरण का यह भी दावा है कि देश ही नहीं, बल्कि एशिया में ऐसा स्टेडियम नहीं होगा, जिसमें हर तरह के खेलों के लिए एक ही जगह पर ग्राउंड व अन्य संसाधन उपलब्ध हों।
एथलेटिक स्टेडियम का निर्माण जून से
स्टेडियम के पहले चरण का काम जून में पूरा होने के बाद दूसरा चरण शुरू होगा। इस चरण में एथलेटिक स्टेडियम, मल्टीलेवल गोल्फ ड्राइविंग रेंज, शूटिंग रेंज और इंडोर स्टेडियम का निर्माण होगा।
गोल्फ ड्राइविंग रेंज पर करीब पांच करोड़ रुपये खर्च होंगे। एथलेटिक स्टेडियम में 400 मीटर के आठ और 100 मीटर के दस लेन के सिंथेटिक ट्रैक के साथ ही कई अन्य सुविधाएं मिलेंगी। इस पर करीब 62 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
इंडोर स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय स्तर का जिमनास्टिक, रेसलिंग, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, बैडमिंटन, टेबल टेनिस और जूडो के अलावा बॉक्सिंग की सुविधाएं देने की योजना है। इस पर करीब 54 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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तीसरे चरण में एक्वाटिक स्टेडियम और बाउलिंग लेन बनेंगे। मौजूदा फुटबॉल ग्राउंड पर हॉकी स्टेडियम और मौजूदा रामलीला ग्राउंड पर फुटबॉल स्टेडियम बनाया जाएगा। इंडोर स्टेडियम में ही 1200 वाहनों के लिए दो मंजिला पार्किंग बनाने का भी प्रस्ताव है।