अपराध शाखा के संयुक्त पुलिस आयुक्त सुरेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपियों को इंस्पेक्टर अनिल मलिक, इंस्पेक्टर अखिलेश वाजपेयी, इंस्पेक्टर महिपाल सिंह , इंस्पेक्टर अक्षय गहलोत और महिला एसआई मीनू की टीम ने पकड़ा है। उन्होंने बताया कि तीन माह पहले तेलंगाना पुलिस ने हैदराबाद में एक मादक पदार्थ सप्लाई करने वाले मॉड्यूल का पर्दाफाश किया था। जांच में नशीले पदार्थों के परिवहन के लिए कूरियर सेवाओं का इस्तेमाल करने वाले एक नेटवर्क का खुलासा हुआ था।
जांच के दौरान पता चला कि मादक पदार्थ दिल्ली से मंगाए जा रहे थे और तेलंगाना भेजे जा रहे थे। इसके बाद दिल्ली-एनसीआर में कई जगह छापे मारे गए। इसके बाद 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 40 विदेशी नागरिकों भी हिरासत में लिया गया। जांच में पुलिस को पला चला कि आरोपी कूरियर कंपनी के द्वारा कूरियर करके शर्ट के कालर व अन्य माध्यमों से मादक पदार्थ भेज रहे थे। दिल्ली पुलिस ने इस अभियान के दौरान तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि तेलंगाना पुलिस ने सात लोगों को पकड़ा है। टीमों ने महरौली, संत गढ़, निलोठी, प्रताप एन्क्लेव, ग्रेटर नोएडा, मुनिरका, मोहन गार्डन, उत्तम नगर और कई जगहों पर छापेमारी के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
टीमें लगातार दबिश देकर गिरोह से जुड़े आरोपियों के बारे में तलाश कर रही है। पुलिस को पता चला है कि गिरोह का फाइनेंसर बदरुद्दीन ग्रेटर नोएडा में रहता है। इसके बाद टीम ने दबिश देकर आरोपी को पकड़ लिया। पुलिस को पता चला कि आरोपी ने गैर-कानूनी फंड के फ्लो को मैनेज किया, जससे बिना किसी रुकावट के पैसे के लेनदेन हो रहा था। साथ ही आराम से धंधा चल रहा था। पुलिस काे पता चला कि आरोपी पिछले तीन माह में करीब 10 करोड़ की ट्रांसजेक्शन की है।