दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने 25 साल से फरार धीरज उर्फ राजसिंह (45) को गिरफ्तार कर लिया। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के सिकंदरपुर कल्लन गांव का रहने वाला यह आरोपी दिल्ली और उत्तराखंड में लूट व हत्या के चार मामलों में भगोड़ा घोषित था और वर्षों से अपनी पहचान बदलकर छिपकर रह रहा था।
पुलिस के मुताबिक, धीरज एक कुख्यात गैंग का हिस्सा था, जो 2001 में कैब ड्राइवरों को निशाना बनाकर उनकी हत्या कर गाड़ियां लूटता था और शवों को दूर पहाड़ी इलाकों में फेंक देता था। लूटी गई गाड़ियां नेपाल में बेची जाती थीं। न्यू अशोक नगर थाना क्षेत्र में मार्च 2001 में दो व्यक्तियों पर जानलेवा हमला किए जाने का मामला भी इसी गैंग से जुड़ा था।
घटना के बाद धीरज और उसका साथी अजय लांबा फरार हो गए थे, जबकि दो अन्य आरोपी गिरफ्तार होकर उम्रकैद की सजा पा चुके हैं। धीरज की उम्र वारदात के समय करीब 20 वर्ष थी। उसने साथियों के साथ जयपुर से टैक्सी बुक कर ड्राइवर और को-पैसेंजर पर हमला किया था। गैंग के खिलाफ उत्तराखंड के कई जिलों में भी हत्या, लूट और किडनैपिंग के केस दर्ज हैं।