- पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार, मामले की जांच की जा रही
-दिल्ली एयरपोर्ट सहित कई राज्यों में पाइपलाइन से चोरी करते थे ईंधन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। क्राइम ब्रांच ने दिल्ली एयरपोर्ट सहित कई राज्यों में तेल पाइपलाइनों में सेंध लगाकर बड़े स्तर पर ईंधन चुराने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दो चोरों को पकड़ा है। इनके खिलाफ दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा व पंजाब सहित कई राज्यों में दर्जनों एफआईआर दर्ज हैं।
क्राइम ब्रांच के डीसीपी हर्ष इंदौरा ने बताया कि आरोपियों की पहचान दिल्ली के चंदर विहार निवासी स्वर्ण सिंह और रानी बाग निवासी धर्मेंद्र उर्फ रिंकू के रूप में हुई है। स्वर्ण सिंह और उसके बहनोई धर्मेंद्र उर्फ रिंकू दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। ये जयपुर में एचपीसीएल पाइपलाइन से तेल चोरी के एक बड़े मामले में वांछित थे। डीसीपी ने बताया कि स्वर्ण सिंह पर 19 मामले दर्ज हैं, जिनमें वर्ष 1992 में दिल्ली हवाई अड्डे पर ईंधन चोरी का पहला मामला भी शामिल है।
सुरंग खोदकर पाइपलाइन तक पहुंचते थे
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी भूमिगत पेट्रोलियम पाइपलाइनों के पास मकान या कमरे किराये पर लेते थे। इसके बाद वे सुरंग खोदकर पाइपलाइन तक पहुंचते और खुद ही तैयार किए गए तात्कालिक वाल्व सिस्टम लगाकर पेट्रोल, डीजल और एयर टर्बाइन फ्यूल की चोरी करते थे। चोरी ईंधन पिकअप वाहनों में लगे प्लास्टिक टैंकों में भरा जाता था। आरोपी पिछले 30 साल से वारदात कर रहे हैं।
राजस्थान के मामले से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
राजस्थान पुलिस को जून 2025 में जयपुर के दहमी कलां क्षेत्र में एचपीसीएल पाइपलाइन से ईंधन चोरी के सूचना मिली थी। छापेमारी में पुलिस को एक कमरे में खुदाई के उपकरण, सुरंग और तीन वाल्वों से जुड़ा जीआई पाइप मिला, जिससे ईंधन सीधे एक पिकअप वाहन में रखे प्लास्टिक टैंक में भरा जा रहा था। मौके से पकड़े गए राजेश उरांग ने खुलासा किया था कि यह पूरा नेटवर्क स्वर्ण सिंह और उसके सहयोगियों का था, तभी से दोनों आरोपी फरार थे। पुलिस को 3 दिसंबर को विकासपुरी से दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
कम कीमत पर ट्रक व बस चालकों को बेचते थे ईंधन
स्वर्ण सिंह पहले ईंधन टैंकरों का ड्राइवर था। इसी दौरान उसने पाइपलाइन नेटवर्क, सप्लाई सिस्टम और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी जुटाई। इसके बाद उसने जयपुर, गुरुग्राम, बठिंडा, कुरुक्षेत्र और दिल्ली के कई हिस्सों में वारदात की। धर्मेंद्र उर्फ रिंकू भी पेशे से ड्राइवर है और वह ईंधन टैपिंग, परिवहन और वितरण में उसकी मदद करता था। आरोपी चोरी किया डीजल और पेट्रोल ट्रक व बस चालकों को कम कीमत पर बेचते थे, जबकि एयर टर्बाइन फ्यूल को वे मिट्टी के तेल के विकल्प के रूप में खपाते थे।