दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का मॉफ्ड वीडियो बनाने वाले अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हफ्ते भर के भीतर दिल्ली पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया है। इस साल दिल्ली विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद अगले दिन यानि 12 फरवरी को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लेकर एक अनुचित व अश्लील गीत तैयार कर कुछ अज्ञात लोगों ने ऑनलाइन व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया था।
इस बात की जानकारी मिलने पर वकील व सामाजिक कार्यकर्ता अमित साहनी ने पहले इस मामले में मुकदमा दर्ज करने के लिए दिल्ली पुलिस से संपर्क किया था। लेकिन पुलिस की तरफ से इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिसके बाद उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
इस मामले की सुनवाई के दौरान बृहस्पतिवार को अमित साहनी ने कोर्ट को बताया कि उपरोक्त वीडियो का एकमात्र उद्देश्य संवैधानिक तरीके से निर्वाचित मुख्यमंत्री को अपमानित करना था। जिसके कारण दिल्ली की आम जनता व उन मतदाताओं को भी अपमानजनक परिस्थिति का सामना करना पड़ा। जिन्होंने अरविंद केजरीवाल को दिल्ली का मुख्यमंत्री चुना है। अमित साहनी की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने पश्चिम विहार वेस्ट थाने की पुलिस को अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्यायिक प्रक्रिया के तहत मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया है।