दिल्ली सरकार ने इनोवेटिव वोकेशनल यूनिवर्सिटी बनाने की दिशा में काम शुरू कर कर दिया है। यह अपनी किस्म की पहली यूनिवर्सिटी होगी, जिससे युवाओं को रोजगार परक शिक्षा मिल सकेगी।
उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एक कार्यक्रम में बताया है कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि जो युवा यहां से पढ़ाई पूरी करके निकले, उसे नौकरी मिले।
आप सरकार यह भी चाहती है कि दिल्ली एजुकेशन हब बने और व्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन आए। सिसोदिया ने कहा कि नवीन कौशल और व्यावसायिक कार्यक्रम युवाओं को मिले।
उसी को ध्यान में रखकर इनोवेटिव वोकेशनल यूनिर्विसटी बनाने की योजना बनाई जा रही है। हालांकि उन्होंने कहा कि योजना अभी शुरुआती चरण में है। विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों से राय मशविरा किया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पास दिल्ली इंजीनियरिंग कॉलेज है, लेकिन इसका और विस्तार नहीं हो सकता। कुछ ऐसी ही स्थिति कला संकाय से जुड़े आईपी यूनिवर्सिटी के साथ भी है। इसलिए इनोवेटिव विश्वविद्यालय स्थापित करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा है कि हमें 16-25 साल के उन युवाओं के लिए कुछ इनोवेटिव सोचना होगा जो परंपरा से हटकर नए आइडिया पर कुछ करना चाहते हैं।
योजना के अनुसार इस नए विश्वविद्यालय में सर्टिफिकेट कोर्स, डिप्लोमा कोर्स के साथ-साथ ग्रेजुएशन कोर्स कराए जाएंगे ताकि युवाओं को रोजगार मिलने में आसानी हो। मनीष सिसोदिया ने कहा है कि यहां आगे की पढ़ाई की बात सिर्फ नहीं है।
जो युवा बीच में पढ़ाई छोड़ देता है, वह इस यूनिवर्सिटी में फिर से शिक्षा के लिए दाखिला लेकर रोजगारपरक कोर्स पूरा कर सकेगा। दोबारा पढ़ाई के लिए आता है तो भी सर्टिफिकेट या डिप्लोमा की पढ़ाई पूरी करके उसे प्राप्त कर सकेगा।