हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद अपार्टमेंट एक्ट के मुताबिक डिक्लेयरेशन फार्म न देने वाले बिल्डरों पर जीडीए ने निगाहें टेढ़ी कर ली हैं।
जीडीए ने तीन बिल्डरों को अंतिम नोटिस जारी करते हुए डिक्लेयरेशन फार्म जमा करने के लिए एक माह का समय दिया है।
नोटिस के मुताबिक 23 मार्च को एक माह की अवधि पूरी हो रही है। इस दौरान डिक्लेयरेशन न देने पर प्रोजेक्ट के कॉमन और लिमिटेड एरिया पर रेजिडेंट्स का स्वामित्व हो जाएगा।
हाईकोर्ट ने यूपी अपार्टमेंट एक्ट के नियमानुसार बिल्डर प्रोजेक्ट के लिए एक साल के भीतर हर हाल में डिक्लेयरेशन देने का आदेश दिया है।
कोर्ट के आदेश के बावजूद डिक्लेयरेशन न देने पर फेडरेशन ऑफ अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन ने कोर्ट में अवमानना की याचिका दायर की थी।
फेडरेशन के अध्यक्ष सामाजिक कार्यकर्ता आलोक कुमार ने कहा कि जीडीए को कोर्ट के फैसले को कड़ाई से लागू कराना चाहिए।
जीडीए ओएसडी एसपी गुप्त ने बताया कि आम्रपाली, निहो स्काटिश और गुलशन होम्स को डिक्लेयरेशन देने के लिए अंतिम रूप से नोटिस जारी किया गया है।
जीडीए की बोर्ड बैठक 30 मार्च को
जीडीए की 143वीं बोर्ड बैठक 30 मार्च को होगी। जीडीए वीसी ने अधिकारियों को एजेंडा तैयार करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। बोर्ड बैठक में विकास प्रस्तावों के साथ बजट पर भी मुहर लगेगी।
नए वित्तीय वर्ष के लिए जीडीए ने 2525 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव तैयार किया है। अंतिम समय में बदलाव हो सकता है।