नोएडा में लेनदेन के विवाद में दुश्मनी के चलते एक परिचित युवक ने भंगेल से अगवा कर चार साल के मासूम का गला दबाने के बाद उसे मरा हुआ समझकर सेक्टर-71 की झाड़ियों में फेंक दिया और फरार हो गया।
लेकिन कुछ देर बाद बच्चे को होश आ गया और वो जोर जोर से रोने लगा। राहगीरों से सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्चे को कब्जे में लेकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मूलरूप से बिहार का रहने वाला आरोपी युवक रणजीत पिछले दो महीने से खोड़ा में रहता है। इससे पहले वह भंगेल में केसी त्यागी के मकान में किराए पर कमरा लेकर रहता था। वहीं, पड़ोस में अमर पांडे पत्नी और दो बच्चों के साथ रहता है। उनके घर में रणजीत का दो वर्षों से आना-जाना था।
रणजीत का कहना है कि उसने अमर को कुछ रुपये उधार दिए थे। रुपयों के लेनदेन के चलते दो माह पहले दोनों में विवाद हो गया। जिसके बाद अमर ने मकान मालिक से कहकर रणजीत का कमरा खाली करवा लिया।
इसके बाद बदला लेने के लिए रणजीत ने घर के बाहर खेल रहे अमर के चार साल के बेटे शिवम को भंगेल से अगवा कर लिया और सेक्टर-71 ले गया। यहां बच्चे का गला दबा दिया और उसे मरा समझकर वहीं झाड़ियों में फेंक दिया। बच्चे के गायब होने पर घर में अफरातफरी मच गई।
उधर, बच्चे को होश आ गया और वह झाड़ी में जोर-जोर से रोने लगा। उधर से गुजर रहे राहगीरों ने जब बच्चे से उसके घर के बारे में पूछा तो उसने अपना पता भंगेल और पिता के बारे में बताया। राहगीरों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची थाना सेक्टर फेज-टू पुलिस ने बच्चे को अपने कब्जे में ले लिया।
इस दौरान रणजीत भी वहां मौजूद था। बच्चे ने उसकी ओर इशारा करते हुए पुलिस को सारी कहानी बताई। इसके बाद पुलिस ने बुधवार देर रात रणजीत को हत्या का प्रयास व अपहरण की धारा के तहत गिरफ्तार कर लिया।
परिवार संग गया थाने
रणजीत मासूम को झाड़ी में फेंकने के बाद भंगेल पहुंचा। शक न हो इसके लिए उसने हमदर्द बनकर अमर के साथ चौकी व थाने पर शिकायत दर्ज कराने पहुंचा। यही नहीं उसने पुलिस वालों पर लापरवाही का आरोप भी लगाया। थाना फेज टू थानाध्यक्ष ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि आरोपी को बच्चा अच्छी तरह पहचानता था। उसने बच्चे को चॉकलेट खिलाने की बात कही और उसे अपने साथ ले आया। इसके बाद वह ऑटो में लेकर सेक्टर-71 चौराहे पर उतरा।