नजफगढ़ इलाके में रविवार रात अज्ञात हमलावरों ने पूर्व विधायक भरत सिंह पर अंधाधुंध गोली चला दी। घटना के समय भरत सिंह एक परिचित के कुंआ पूजन समारोह में शामिल होने के लिए अभिनंदन वाटिका में आया हुआ था।
गोलीबारी में भरत सिंह का सहयोगी फौजी और पीएसओ को भी गोली लगी है। उन्हें उपचार के लिए गुड़गांव स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मौके पर करीब 25 राउंड गोली चली है।
भरत सिंह को सिर सहित शरीर के अन्य हिस्सों में 7 से 8 गोलियां लगी थीं। घटना के बाद पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए और पूरे इलाके को सील कर दिया गया।
घेरकर करने लगे अंधाधुंध फायरिंग
जिला पुलिस के अलावा स्पेशल सेल व अपराध शाखा की कई टीमों को जांच में लगाया गया है। इसके अलावा दिल्ली के बार्डर को सील कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार गोलीबारी में पांच वर्षीय बच्चे सहित कई अन्य लोग भी घायल हुए है।
जानकारी के अनुसार रविवार रात अभिनंदन वाटिका में भरत सिंह के परिचित दलसिंह मलिक के परिवार में कुंआ पूजन का कार्यक्रम था। इसमें शामिल होने के लिए पूर्व विधायक भरत सिंह अपने सहयोगी फौजी और पीएसओ हवलदार रामजीवन के साथ वहां पहुंचा।
कुछ देर बैठने के बाद विधायक व उसके सहयोगी खाना खाने के लिए बैठे। बताया जा रहा है कि इसी दौरान पांच से छह लोगों ने उनकी टेबल को घेर लिया और अंधाधुंध गोली चलाने लगे।
करीब सात से आठ लगी हैं गोलियां
गोलीबारी में भरत सिंह के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर करीब सात से आठ गोलियां लगी। साथ ही हमलावरों ने उसके सहयोगी फौजी और पीएसओ को भी गोली मार दी।
वारदात को अंजाम देने के बाद सभी हमलावर फरार हो गए। पूर्व विधायक को गोली लगने की सूचना आग की तरह फैली। सूचना मिलते ही करीब बीस गाड़ियों में भरकर विधायक के परिवार वाले व रिश्तेदार मौके पर पहुंचे और विधायक समेत सभी जख्मी को उपचार के लिए गुडगांव स्थित मेदांता अस्पताल पहुंचाया।
भरत सिंह की हालत गंभीर में डॉक्टर उनको बचाने की भरसक कोशिश करते रहे, लेकिन आखिरकार उसकी मौत हो गई।
हमलावर फायरिंग के बाद पांच मिनट तक रुके रहे
घटना की जानकारी मिलने के बाद जिला के पुलिस उपायुक्त आर.ए.संजीव सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। साथ ही दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल के अलावा फोरेंसिक की टीम मौके पर पहुंचकर सबूत उठा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया हमलावर तीन गाड़ियों में सवार होकर आए थे और गोलीबारी करने के बाद हमलावर पांच मिनट तक वहां यह देखने के लिए रूके कि पूर्व विधायक जिंदा है या फिर उसकी मौत हो गई है।
भरत सिंह के भाई कृष्ण पहलवान व उनकी भाभी नीलम वर्तमान में पार्षद है। भरत सिंह ने अपना राजनीतिक जीवन इंडियन नेशनल लोकदल (इनैलो) से शुरू किया वे वर्ष 2003 में विधायक का चुनाव लडे़ लेकिन हार का मुंह देखना पड़ा।