नोएडा प्राधिकरण में सौ रुपए देकर शहर और शहरी क्षेत्र स्थित गांवों में बनने वाले बिल्डर प्रोजेक्ट केबारे में निवेशक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। निवेशकों से हो रही धोखाधड़ी और अवैध निर्माण पर लगाम कसने के लिए प्राधिकरण इस नई व्यवस्था को जल्द लागू कर सकता है। प्राधिकरण इसके लिए एक सेल गठित करने की तैयारी में है। मीडिया से रूबरू होते हुए मंगलवार को यह जानकारी प्राधिकरण के नवनियुक्त सीईओ अमित मोहन प्रसाद ने दी।
सीईओ का चार्ज लेने के बाद पहली बार मीडिया से सेक्टर-6 स्थित प्राधिकरण के बोर्ड रूम में मुलाकात की। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था से न सिर्फ निवेशकों को पता लग सकेगा कि प्रोजेक्ट का निर्माण अवैध और उनका पैसा फंसने से बच सकेगा बल्कि प्राधिकरण को भी आसानी से अवैध निर्माण के बारे में जानकारी मिल सकेगी।
उन्होंने मीडिया से शहर की समस्याओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। जिसमें अवैध पार्किंग, अतिक्रमण, यमुना ब्रिज, सेक्टर- 60 अंडरपास, मल्टीलेवल पार्किंग समेत देरी से चल रही परियोजनाएं, अवैध निर्माण, लावारिस पशु. निवेशकों के साथ प्रोजेक्टों के नाम पर धोखाधड़ी समेत अन्य तमाम समस्याएं शामिल रहीं।
सीईओ ने सिंगल लेन पार्किंग व्यवस्था को मजबूती से लागू करने समेत अन्य समस्याओं के निराकरण की बात कही है। लेट चल रही परियोजनाएं जल्द पूरी हों, इसके लिए परियोजना के निर्माण कार्य की समीक्षा होगी। सीईओ ने कहा कि प्राधिकरण में पारदर्शिता से काम होगा।
इसके लिए एसीईओ, डीसीईओ समेत सभी विभागों को निर्देश जारी कर दिया गया है। मुख्यमंत्री का भी संदेश है कि पारदर्शिता से काम करें। लोगों को प्राधिकरण में काम को लेकर कोई दिक्कत न हो, शिकायत न हो, इसका पूरा प्रयास किया जा रहा है। इस मौके पर एसीईओ पीके अग्रवाल, एसीईओ शिशिर सिंह, डीसीईओ सौम्य श्रीवास्तव, ओएसडी संतोष कुमार आदि उपस्थित रहे।