इन दिनों वातावरण में ज्यादा आद्रता होने की वजह से वायरस को सक्रिय होने का मौका ज्यादा मिल रहा है। अधिक आद्रता की वजह से ही इन्फ्लुएंजा और रायनो वायरस सक्रिय हो रहे हैं। इन्हीं वायरस की वजह से इन दिनों काफी लोग वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम, गले में संक्रमण, सिर दर्द और टायफाइड जैसी बीमारियों के शिकार हो रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि परिवार में किसी एक को वायरल बुखार हो गया तो घर के दूसरे लोगों को और सतर्क हो जाना चाहिए, क्योंकि यह वायरस आसानी से अपनों को चपेट में ले लेता है। वैसे लोगों को ज्यादा दिक्कत होती है जिनके शरीर में रोग से लड़ने के लिए प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। इसलिए आम लोगों को वायरल पीड़ित के सीधे संपर्क में नहीं रहना चाहिए।
ये उपाय अपना कर आप इससे बच सकते हैं
. शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ का सेवन करें।
. नींबू-पानी का अधिक से अधिक सेवन करें।
. गर्भवती महिलाओं और बच्चों को उबाल कर पीने का पानी दें
. प्रति दिन व्यायाम करें
. ठंडा खाना खाने से परहेज करें और बासी खाना न खाएं।
. वायरल पीड़ित के सीधे संपर्क में न रहें।
. बिना हाथ धोए कभी भी खाना न खाएं।
. लोगों से हाथ मिलाने से परहेज करें।
. पानी से भीगने के बाद शरीर को अच्छी तरह से तौलिया से पोछें।
. बिना पानी के कूलर चलाएं।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
सर गंगा राम अस्पताल के मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अतुल गोगिया का कहना है कि इन्फ्लुएंजा और रायनो वायरस इन दिनों ज्यादा सक्रिय होते हैं। इन दिनों रोग से लड़ने की क्षमता में कमी की वजह से वायरस को शरीर से निष्क्रिय होने में सात से आठ दिन लग जाते हैं।
नोवा स्पेशयलिटी के इंटरनल मेडिसिन विभाग की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. नवनीत कौर ने बताया कि बारिश और गर्मी की वजह से आद्रता बढ़ गई है। अधिक आद्रता में वायरस ज्यादा सक्रिय होते हैं। डॉ. कौर का कहना है कि शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए लोगों को खान-पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए।