राजधानी के बवाना इलाके में महापंचायत के बाद अब तनाव का माहौल है। बड़ी संख्या में जुटकर लोगों ने महापंचायत की और इसके लिए बकायदा पोस्टर और पंफलेट बांटकर ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचने की बात की गई। लेकिन पुलिस को इसकी कानों-कान खबर नहीं लगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्हें ऐसी किसी महापंचायत की जानकारी नहीं थी। इस बात से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
महापंचायत के बाद मोहर्रम के मौके पर निकाले जाने वाले जुलूसों को लेकर तनाव का माहौल है, क्योंकि महापंचायत में यह फैसला लिया गया है कि जेजे कॉलोनी से निकलने वाला जुलूस बवाना गांव में न आए।
जानबूझकर अनजान बनी पुलिस?
इसके पीछे लोगों का तर्क है कि जुलूस के दौरान लोग हथियारों से शक्ति प्रदर्शन करते हैं, जिससे युवाओं पर गलत असर होता है। इसी मसले को लेकर इलाके लोगों ने रविवार शाम को बवाना के धांदूराम मार्केट इलाके में महापंचायत की।
सवाल यह उठता है कि ऐसे नाजुक समय में पुलिस ने आम लोगों को इस तरह की पंचायत करने कैसे दी? सूत्रों की मानें तो पुलिस को पंचायत की पूरी जानकारी थी। अब दिल्ली पुलिस जानबूझकर अनजान बन रही है।
त्रिलोकपुरी में हुआ बवाल जब थमने की ओर है तो पुलिस की ऐसी लापरवाही बवाना समेत तमाम इलाकों में बड़े बवाल को हवा दे सकती है।
बनी आम-सहमति
बवाना में रविवार को हुई महापंचायत के बाद दोनों समुदाय के बीच सहमति बन गई है। जिस बात को लेकर एक समुदाय को आपत्ति थी, उसे हर संभव सुलझाने का दावा किया गया है।
अब जुलूस बवाना गांव व मार्केट से होकर नहीं निकाला जाएगा। बल्कि उसे बवाना नहर के किनारे से होते हुए निकाला जाएगा। तनाव को देखते हुए इलाके में रविवार से ही भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जुलूस के दौरान पुलिस की ओर से वीडियो रिकार्डिंग की जाएगी।
इसी तरह बाहरी दिल्ली के कंझावला इलाके में भी पुलिस ने दोनों समुदाय के बीच सहमति बनाने में कामयाब हुई है। कराला गांव व शिव विहार कॉलोनी के लोगों के बीच मोहर्रम की जुलूस को निकालने को लेकर तनाव था।
'आपत्ति त्योहार से नहीं उपद्रव से है'
गांव के लोगों की आपत्ति कराला चौक तक जुलूस निकालने को लेकर थी। पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराकर इस बात पर सहमति बना ली है। अब जुलूस चौक के बजाय कॉलोनी में निकाला जाएगा।
बाहरी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त विक्रमजीत सिंह का कहना है कि दोनों समुदाय के लोगों ने आपस में बैठकर मोहर्रम का जुलूस निकाले जाने के रास्ते पर आम-सहमति बना ली है।
सोमवार को तनाव वाले इलाके में पुलिस का भारी बंदोबस्त किया गया। साथ ही इलाके के थाना प्रभारी को निर्देश दिया गया है कि वह हालात पर नजर बनाए रखें। सोमवार को थाना प्रभारी इन इलाकों गश्त कर हालात का जायजा लिया।
दूसरी ओर बवाना गांव के लोगों का कहना है कि गांव के लोगों को किसी के पर्व त्योहार से आपत्ति नहीं है, लेकिन शरारती तत्वों की ओर से गांव में उपद्रव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।