अपैरल हाउस में आयोजित कार्यशाल में सीएम खट्टर
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा में निवेशकों की सुविधा के लिए 10 करोड़ रुपये से स्थापित होने वाले उद्योगों को सभी प्रकार के क्लियरेंस जिला स्तर पर ही दे दिया जाएगा। इसी प्रकार से एक एकड़ तक सीएलयू वाले उद्योगों पर भी यह प्रक्रिया लागू होगी। इसके लिए उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय क्लियरेंस कमेटी का गठन किया गया हैं।
उन्होंने कहा कि मार्च में गुड़गांव में आयोजित हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में साइन कुल 359 एमओयू में से 121 दस करोड़ रुपये के निवेश वाले हैं। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा रविवार को गुड़गांव के सेक्टर-44 स्थित अपैरल हाउस में की।
वह यहां आयोजित न्यू इनीशिएटिव्स इन ईज ऑफ डूईंग बिजनेस इन हरियाणा विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में बोल रहे थे। कार्यशाला में राज्य सरकार के उच्च अधिकारियों व उद्यमियों ने शिरकत की। उन्होंने कहा कि हरियाणा अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना है। यहां के युवाओं को रोजगार के अवसर मुहैया करवाने हैं।
इसके लिए यहां निवेश की जरूरत है। सीएम ने कहा कि इसी वर्ष मार्च में गुड़गांव में आयोजित हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के दौरान कुल 359 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं। इसके माध्यम से निवेशकों को प्रदेश में आकर्षित करने में काफी सफलता मिली थी। समिट के बाद भी कई और एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं। अब इसकी संख्या 522 हो गई है।
सेक्टर-44 स्थित अपैरल हाउस में आयोजित कार्यशाल में मौजूद लोग
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मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला स्तर पर उद्योगों की स्थापना के लिए जिला स्तर पर मिलने वाले सभी क्लियरेंस से निवेशकों को काफी लाभ होगा। उद्यमियों को विभिन्न विभागों में चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि उद्यम प्रोत्साहन नीति-2015 में जो भी वायदे निवेशकों से किए गए थे उनको धरातल पर उतारना जरूरी है।
सीएम ने कहा कि हरियाणा विधानसभा में पारित हरियाणा इंटरप्राइज प्रमोशन एक्ट के अंतर्गत राज्य स्तर पर इंपावर्ड एग्जिक्यूटिव कमेटी (ईईसी)व जिला स्तरीय क्लियरेंस कमेटी (डीएलसीसी) का गठन किया गया है। उद्यमियों की समस्याओं के गतिशील समाधान के लिए इन दोनों कमेटियों की महीने में दो बार बैठकें होंगी।
जिसमें संबंधित विभागों के सभी अधिकारी भाग लेंगे। इसी बैठक में उद्योग लगाने के लिए क्लियरेंस भी दी जाएगी। सीएम ने बताया कि इन दोनों कमेटियों की बैठकें 11 और 31 मई को रखी गई हैं। इन तिथियों को वेबसाइट पर डाल दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि ईईसी की पहली बैठक 25 अप्रैल को चंडीगढ़ में हो चुकी है। जिसमें 55 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर विचार किया गया। उनमें से तीन प्रस्तावों को मंजूरी भी दी जा चुकी है।
निवेशकों की हेल्प करेंगे 36 रिलेशनशिप मैनेजर
मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में निवेश का प्रस्ताव देने वाले वालों की मदद के लिए लिए 36 रिलेशनशिप मैनेजर लगाए गए हैं। प्रत्येक निवेशक के साथ एक रिलेशनशिप मैनेजर होगा। इनका कार्य निवेशकों को सरकारी विभागों से क्लियरेंस दिलवाने में मदद करना है।
उन्होंने कहा कि उद्यमियों की सुविधा के लिए ई.बिज पोर्टल डब्लू डब्लू डब्लू. इनवेेस्ट हरियाणा. एन आई सी. इन की भी शुरूआत की गई है जिस पर बिजनेस क्लियरेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। इसी पोर्टल पर उद्यमी अपनी समस्याएं व शिकायतों को भी अपलोड कर सकते हैं। उद्योगों से जुड़ी 119 सेवाओं को हरियाणा सेवा के अधिकार अधिनियम 2014 के दायरे में लाया गया है।
ईज टू डूईंग बिजनेस में प्रदेश को पांचवें स्थान पर लाना है
सीएम ने कहा कि जब प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तो उस समय ईज ऑफ डूईंग बिजनेस मामले में प्रदेश 14वें स्थान पर था। अब सामूहिक प्रयासों से इसे देश में पांचवें वें स्थान पर लाना है। ऐसा होने से देश की उन्नति में हरियाणा का योगदान और बढ़ जाएगा।