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नोएडाः नॉन कंटेनमेंट जोन में उद्योगों को मिलेगी ऑनलाइन अनुमति

Mon, 04 May 2020 01:32 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
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demo pic - फोटो : अमर उजाला
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गौतमबुद्धनगर में लॉकडाउन के तीसरे चरण में राहत मिलनी शुरू हो गई है। रविवार शाम शासन की तरफ से गाइडलाइन जारी होने के बाद जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने देर रात ट्वीट कर जानकारी दी कि 34 कंटेनमेंट जोन में केवल आवश्यक सेवाओं से जुड़ी सप्लाई की ही अनुमति होगी। 

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इस जोन में न किसी को बाहर निकलने की अनुमति होगी न किसी किसी तरह की व्यावसायिक गतिविधि संचालित हो सकेंगी। एक राज्य से दूसरे और एक जिले से दूसरे में आवाजाही पहले की तरह प्रतिबंधित रहेगी। नॉन कंटेनमेंट जोन में गृह मंत्रालय और राज्य सरकारी की गाइडलाइन में अनुसार गतिविधियों को संचालित करने की अनुमति होगी। सरकारी दफ्तर सरकारी की गाइडलाइन के अनुसार ही खुलेंगे।

डीएम ने बताया कि नॉनकंटेनमेंट जोन में आने वाले आवश्यक सेवाओं से जुडे़ उद्योगों को शासन के दिशा-निर्देशानुसार अनुमति दी जाएगी। इकाइयों को ऑनलाइन अनुमति के लिए पोर्टल तैयार हो गया है, जिसका लिंक सोमवार दोपहर तक जारी हो जाएगा। शासन की गाइडलाइन के अनुसार, विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड), निर्यात आधारित इकाइयां और औद्योगिक टाउनशिप में गतिविधियां शुरू हो सकेंगी। 
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इकाइयों में सैनिटाजेशन कराना होगा। कार्य स्थल पर श्रमिकों की संख्या के अनुसार स्क्रीनिंग के लिए इंफ्रारेड थर्मामीटर और थर्मल स्कैनर की सुविधा उपलब्ध करानी होगी। सभी श्रमिकों के लिए मास्क, सैनिटाइजर और हाथ धोने के लिए साबुन व पानी की व्यवस्था के साथ सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को प्रभावी रूप से लागू करना होगा।

अधूरी परियोजनाओं का काम होगा शुरू
नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने ट्वीट कर जानकारी दी कि नॉन कंटेनमेंट जोन में उन निर्माणाधीन साइटों पर ही प्राधिकरण की अनुमति से सशर्त काम शुरू हो सकेगा, जिन साइटों में श्रमिकों के ठहरने की व्यवस्था होगी। सोमवार को इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी होंगे। इसमें बिल्डर प्रोजेक्ट भी शामिल हैं।

ऐसे घटाया कंटेनमेंट जोन का दायरा
दो तरह के कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। जहां कोरोना का एक केस सामने आया है, पहले उसके 1 किलोमीटर के दायरे को कंटेनमेंट जोन माना जा रहा था, जिसे घटाकर अब 400 मीटर कर दिया गया है। इसी तरह जहां 2 या 2 से ज्यादा केस थे उसके 3 किलोमीटर के दायरे को कंटेनमेंट जोन माना गया था इसे अब घटाकर 1 किलोमीटर कर दिया गया है। वहीं, जिन सोसाइटी में गेट लगे हुए हैं उनके अंदर दुकानें खुलेंगी और आवश्यक वस्तुओं की पूर्ति कराई जाएगी।

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रेंडम जांच के बाद शुरू होगी इकाइयां

शासन के अनुसार संचालित होने वाली इकाइयों में किसी श्रमिक में संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी किए जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को सूचित करना होगा। 50 श्रमिकों से अधिक वाली इकाई को शुरू करने से पहले न्यूनतम 5 प्रतिशत कर्मचारियों की आरटी-पीसीआर जांच रेंडम आधार पर करनी होगी। इसके बाद प्रत्येक 15 दिन में न्यूनतम 5 प्रतिशत व अधिकतम 10 कर्मचारियों की रेंडम जांच करनी होगी।

इन शर्तों का करना होगा पालन
- 50 से अधिक श्रमिक वाली इकाइयों को आवागमन के लिए खुद करनी होगी व्यवस्था। वाहनों को 50 प्रतिशत यात्री क्षमता के साथ संचालित करने की अनुमति होगी।
- कार्यस्थल पर दो पारियों के बीच एक घंटे का अंतर होगा। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए भोजनावकाश का समय भी अलग-अलग तय किया जाएगा।
- कार्यस्थलों पर 10 प्रतिभागियों से अधिक की सभाएं नहीं हो सकेंगी। ऐसी सभाओं व प्रशिक्षण सत्रों में एक-दूसरे से कम से कम 6 फीट की दूरी बनाकर बैठना होगा।
- औद्योगिक इकाइयों में लिफ्ट के आकार के आधार पर दो या चार से अधिक व्यक्तियों को उपयोग की अनुमति नहीं होगी।
- कार्यस्थलों और आसपास गुटका-तंबाकू के उपयोग पर सख्त प्रतिबंध होगा। थूकने पर भी प्रतिबंध रहेगा।
- कार्यस्थलों पर गैर आवश्यक आगंतुकों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
- कार्यस्थल पर आसपास स्थित कोविड-19 के उपचार के लिए अधिकृत चिकित्सालयों व क्लीनिकों की सूची उपलब्ध करानी होगी।
- फैक्ट्री मालिक श्रमिकों की सहमति से कार्य के घंटे बढ़ा सकेंगे। आगामी तीन महीने तक इस व्यवस्था को लागू रखा जाएगा।
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