पांच सौ व एक हजार रुपये के नोट पर पाबंदी का असर शहर के उद्योगों पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है। यहां रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। वहीं छोटी-मोटी माल ढुलाई के काम में भी दिक्कत है। इस प्रकार की मार ढुलाई करने वाले वाहन चालक हजार और 500 के नोट नहीं ले रहे हैं।
उद्यमियों का कहना है कि उनके पास 100-100 के इतने नोट नहीं हैं कि वह उन्हें दे सकें। वहीं औद्योगिक यूनिटों में काम करने वाले श्रमिकों को वेतन देने का भी संकट हो गया है। वह पुराने नोट नहीं ले रहे हैं।
इस परेशानी के बाद भी उद्यमियों ने प्रधानमंत्री के पहल की सराहना की है। उनका कहना है कि काले धन पर अंकुश लगाने का इससे बेहतर कोई और उपाय नहीं हो सकता है। उद्यमी एसके आहूजा का कहना है कि माल ढुलाई के काम में थोड़ी परेशानी आ रही है। सबसे अधिक परेशान उद्योगों में काम करने वाले छोटे कर्मचारी हैं।