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लड़कियों के कपड़ों में लगा ये स्टीकर रोकेगा रेप, खतरा होते ही अपनों को मिलेगी लोकेशन

Tue, 01 Aug 2017 06:32 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नर्ई दिल्ली
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मनीषा मोहन - फोटो : manisha mohan
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अमेरिका के मशहूर तकीनीकी विश्वविद्यालय (MIT) की भारतीय मूल की वैज्ञानिक मनीषा मोहन ने स्टीकर की तरह दिखने वाला एक सेंसर बनाया है जो रेप की घटनाओं को रोकेगा और आस-पास व परिवार के लोगों को अलर्ट भेजेगा। 
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यह सेंसर किसी भी कपड़े पर स्टीकर की तरह लगाया जा सकेगा। इस सेंसर को इस तरह तैयार किया गया है कि जैसे ही शरीर से कपड़ों को जबरन उतारने की कोशिश की जाएगी तो यह एलर्ट भेज देगा।
मुश्किल हालात में घिर गई लड़की अगर खुद को बचाने की स्थ‍िति में नहीं है या किसी कारण वो चल नहीं पा रही या छोटी बच्ची है तो ऐसी स्थ‍िति में यह सेंसर उसके परिवार और दोस्तों तक एलर्ट भेज सकता है।
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स्मार्टफोन ऐप से जुड़ा होता है इसमें लगा ब्लुटूथ

सांकेतिक चित्र
इसमें लगा ब्लुटूथ स्मार्टफोन ऐप से जुड़ा होता है। विपरीत परिस्थ‍ितियों में यह तेज आवाज कर आसपास के लोगों को अलर्ट भेजता है। यह सेंसर दो मोड्स में काम करता है। 
पैसिव मोड में यह मैनुअली काम करता है। किसी खतरे का अंदेशा होने पर लड़की इसका बटन दबाकर आसपास के लोगों को अलर्ट करती है। बटन दबाते ही तेज अलार्म बजने लगेगा या दोस्तों को कॉल भी लग जाती है। वहीं, एक्ट‍िव मोड में यह सेंसर बाहरी सिग्नल्स के जरिये खतरे का अंदाजा लगाता है।   उदाहरण के तौर पर अगर किसी लड़की के शरीर से कपड़े उतारने की कोशिश की जाती है तो यह सेंसर उसके स्मार्टफोन पर एक संदेश भेजता है, जिससे सेंसर यह सुनिश्चत करेगा कि लड़की मुसीबत में है या नहीं। भेजे गए इस संदेश का रिप्लाई 30 सेकेंड के अंदर न आने पर आसपास के लोगों को अलर्ट करने के लिए फोन तेज आवाज करने लगता है।
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20 सेकेंड में लेता है ऐक्‍शन

सांकेतिक चित्र
अगर लड़की इस अलार्म को 20 सेकेंड के अंदर बंद नहीं करती है, तो ऐप यह मान लेता है कि लड़की मुसीबत में है और वह उसके परिवार और दोस्तों के पास सिग्नल भेजना शुरू कर देता है, जिसमें पीड़िता कहां है, उसका पता भी होता है।

मोहन ने कहा कि चेन्नई में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करते हुए जो अनुभव उसे हुए उसके बाद ही उसे यह ख्याल आया। लड़कियों को घर में कैद रखने से अच्छा है कि उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए। नए ऐप के जरिए न केवल महिलाओं को बल्क‍ि, बच्चों, स्कूल जाने वाली छात्राओं, शारीरिक रूप से विकलांग आदि को रेप से बचाया जा सकता है।   मोहन ने कहा कि हमें बॉडी गार्ड की जरूरत नहीं है। मुझे लगता है कि हमारे पास खुद की सुरक्षा करने की क्षमता होनी चाहिए।
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