नई सरकार के तहत रेल मंत्रालय 100 दिनों की कार्ययोजना तैयार करने में जुट गया है। मंत्रालय के सभी विभाग अपने-अपने स्तर पर तैयार कर रहे है। सौ दिनों के साथ ही एक अलग से 1000 दिनों का भी एजेंडा तैयार किया जा रहा है। इस एजेंडे में ट्रेनों को पटरी पर दौड़ाने के साथ ही यात्रियों की सुविधा पर खास ध्यान दिया जा रहा है। नौकरियों को लेकर रेलवे की क्या योजना है इसपर भी फोकस किया जा रहा है।
अपनी फिर से चुनी हुई सरकार के पहले 100 दिनों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेल एजेंडे में यात्रियों को कई तरह के सौगात मिलेगा। इसमे सबसे अबहम रेलवे का अब एकीकृत टेलीफोन नंबर होगा। 139 पर ही रेल यात्री सभी तरह की शिकायत दर्ज कराने के साथ ही सुविधा भी ले सकेंगे। महिला सुरक्षा को लेकर भी कोई अलग से हेल्पलाइन नहीं होगा। इस सौ दिनों के एजेंडे को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
हेल्पलाइन नंबर के साथ ही एकीकृत एप भी विकसित किया जाएगा। अगर आप फेसबुक, ट्वीटर या अन्य सोशल मीडिया से किसी तरह की शिकायत दर्ज कराते है तो यात्रियों के भेजे गए शिकायत एक प्लेफार्म पर पहुंच जाएगा। रेल मदद एप के माध्यम से सभी तरह की शिकायत का निवारण होगा। इसके अलावा सबसे महत्वपूर्ण काम रेलवे यह भी करेगा कि इन सौ दिनों में सभी रेल इंजन को जीपीएस से लैस कर दिया जाएगा। रेल मंत्रालय ने सौ दिनों में 6700 इंजन को जीपीएस से लैस करने का लक्ष्य रखा है। इसका फायदा यह होगा कि ट्रेन की मॉनीटरिंग की जा सकेगी। ट्रेनें समय पर चलाने में इस प्रणाली का बेहतर उपयोग होगा।
सौ दिनों के साथ ही एक हजार दिनों का एजेंडा जो रेलवे तैयार कर रहा है उसमें डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर का निर्माण कार्य पूरा करना है। फ्रेट कॉरीडोर के निर्माण हो जाने से मालगाड़ी अलग ट्रैक पर दौड़ेगी जिससे अन्य पैसेंजर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ जाएगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट, वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन, कॉमर्शियल डेवलॉपमेंट पर फोकस दिया जाएगा।