- ट्रांसफॉर्मिंग भारत थीम पर हुए सम्मेलन में केंद्रीय नेताओं, न्यायाधीशों, तकनीकी विशेषज्ञों और अर्थशास्त्री हुए शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। भारत मंडपम में आयोजित स्वदेश कॉन्क्लेव-2025 में बताया गया कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सबसे अहम भूमिका निभाएगी। ट्रांसफॉर्मिंग भारत थीम पर हुए इस सम्मेलन में केंद्रीय नेताओं, न्यायाधीशों, तकनीकी विशेषज्ञों और अर्थशास्त्री शामिल हुए। वक्ताओं ने कहा कि एआई, स्वदेशी नवाचार और समावेशी नीतियां मिलकर अर्थव्यवस्था को नई गति दे सकती हैं और समाज में बराबरी ला सकती हैं। इस दौरान चेतावनी दी गई कि यदि तकनीक को बिना नियम-कानून के आगे बढ़ाया गया तो इसके गंभीर खतरे सामने आ सकते हैं।
केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि भारत सेमीकंडक्टर निर्माण की दिशा में कदम बढ़ा चुका है और पहला मेड-इन-इंडिया चिप तैयार हो चुका है। उन्होंने कहा कि तेल का जमाना खत्म हो चुका है, अब चिप का जमाना है। सरकार ने एआई को प्रोत्साहित करने और उसके नियमन के लिए दस हजार करोड़ रुपये का विशेष फंड बनाया है। गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि आज भारत केवल गांधी जी की धरती ही नहीं बल्कि प्रधानमंत्री मोदी की धरती के रूप में भी जाना जा रहा है। न्यायपालिका से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एन. कोटिस्वर सिंह ने न्याय प्रणाली में एआई के इस्तेमाल को खतरनाक बताया। उन्होंने कहा कि एआई इंसान की भावनाओं और चरित्र को नहीं समझ सकता, इसलिए इसका इस्तेमाल लोगों का भविष्य तय करने में नहीं होना चाहिए।
वहीं, वरिष्ठ वकील प्रदीप राय ने कहा कि डॉक्टर, वकील और पत्रकार जैसे पेशों की अंतिम जिम्मेदारी इंसानों के पास ही रहनी चाहिए। उन्होंने शिक्षा में बच्चों को एआई की सही समझ देने की वकालत भी की। अर्थशास्त्री अरुण कुमार ने कहा कि भारत को विकसित देश बनाने के लिए हर साल 8.5 फीसदी जीडीपी ग्रोथ हासिल करनी होगी और प्रति व्यक्ति आय को मौजूदा 2,700 डॉलर से बढ़ाकर 14,000 डॉलर तक ले जाना होगा। इसके अलावा जेएनयू के प्रोफेसर अनिर्बान चक्रवर्ती ने बताया कि एआई और मशीन लर्निंग की मदद से खेती में दामों का उतार-चढ़ाव पहले से भांपा जा सकता है, जिससे छोटे किसान बेहतर फैसले ले पाएंगे। केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल ने विश्वास जताया कि भारत जल्द ही दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होगा। कार्यक्रम में स्वदेश सम्मान पुरस्कार पूर्व इसरो प्रमुख डॉ. एस. सोमनाथ, सामाजिक कार्यकर्ता अजीम आलम और संगीतकार प्रहलाद सिंह टिपानिया व मामे खान को दिए गए। दोनों कलाकारों ने प्रस्तुति भी दी। वहीं, सांसद मनोज तिवारी ने युवाओं से राजनीति से हार न मानने की अपील की और कहा कि ईमानदार मेहनत और धैर्य से हर सपना पूरा किया जा सकता है। बालाजी फाउंडेशन की अध्यक्ष राजश्री राय ने कहा कि सच्चा बदलाव तभी आएगा जब हर किसी को अपनी बात कहने का मौका मिलेगा।