फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

India Pakistan Conflict : सीजफायर से पहले परखी तैयारी, आपात स्थिति में मिनटों में मिलेंगी स्वास्थ्य सुविधाएं

Sun, 11 May 2025 04:03 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली

सार

अस्पतालों में कंट्रोल रूम भी बनाए जा रहे हैं। इसकी मदद से मरीज को अस्पताल में लाने से पहले डॉक्टर व दूसरे स्टाफ तक सूचना पहुंच जाएगी। डॉक्टर उसी हिसाब से अस्पताल में व्यवस्था करेंगे।
विज्ञापन
सफदरजंग अस्पताल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अस्पतालों को 30 मिनट में उपचार देने के लिए तैयार किया जा रहा है। अस्पतालों में कंट्रोल रूम भी बनाए जा रहे हैं। इसकी मदद से मरीज को अस्पताल में लाने से पहले डॉक्टर व दूसरे स्टाफ तक सूचना पहुंच जाएगी। डॉक्टर उसी हिसाब से अस्पताल में व्यवस्था करेंगे।

विज्ञापन


केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आदेश के बाद एम्स, सफदरजंग, डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल, लेडी हार्डिंग सहित अन्य अस्पतालों ने व्यवस्थाएं तैयार करना शुरू कर दिया है। आपात स्थिति के लिए अलग से प्रवेश व निकासी द्वार को चिन्हित किया गया है। इसके अलावा सभी अस्पतालों में कंट्रोल-कमांड रूम बनाया गया है।

इनमें तैनात स्टाफ को सभी डॉक्टर व अन्य की जानकारी उपलब्ध करवाई जा रही है। जरूरत के आधार पर उक्त डॉक्टर व उनसे संबंधित पैरामेडिकल स्टाफ को सूचना देंगे। यही नहीं सर्जरी के लिए ऑपरेशन थियेटर, जरूरी उपकरण, इंप्लांट सहित दूसरे सामान को उपलब्ध करवा दिया जाएगा।
विज्ञापन


डॉक्टरों से मिली जानकारी के मुताबिक अस्पताल में ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि मरीज 15 मिनट के अंदर अस्पताल में पहुंच जाए। उसकी प्राथमिक जांच कर संबंधित विभाग में भेज दिया जाएगा। कोशिश रहेगी कि 30 मिनट के अंदर मरीज को उचित उपचार मिल जाए।

25 फीसदी स्टॉक में रहेगा ब्लड
दिल्ली के सभी बड़े अस्पतालों के ब्लड बैंक में आपात स्थिति के लिए 25 फीसदी तक ब्लड स्टाॅक में रहेंगे। इनका इस्तेमाल आपात स्थिति के मरीजों के इलाज में काम आएगा। ब्लड बैंक के अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा समय में ब्लड बैंक में 100 फीसदी ब्लड का इस्तेमाल हो जाता है। आपात स्थिति को देखते हुए डॉक्टर वैज्ञानिक आधार पर ब्लड को स्टॉक में रखेंगे, ताकि किसी भी स्थिति में खून की कमी न हो। इसके अलावा जरूरत के आधार पर आम लोगों के सहयोग से रक्तदान शिविर भी लगाए जाएंगे।

दवा व दूसरे उपकरण की नहीं होगी कमी
आपात स्थिति में आने वाले मरीजों को किसी भी प्रकार से दवा, बिस्तर, आइसीयू, मेडिकल ऑक्सीजन सहित अन्य की कमी महसूस नहीं होगी। मंत्रालय के आदेश के बाद स्टॉक में इनकी संख्या बढ़ाई जा रही है। डॉक्टरों ने बताया कि एम्स, सफदरजंग, डॉ. राम मनोहर लोहिया, लेडी हार्डिंग सहित अन्य अस्पतालों में रोजाना हजारों की संख्या में सर्जरी होती है। ऐसी स्थिति में हजारों की संख्या में ऐसे उपकरण व दूसरे सामान की जरूरत होती है। मौजूदा समय में मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कत भी न हो और आपात स्थिति के मरीजों को भी उचित इलाज मिल जाए, ऐसी व्यवस्था की जा रही है।

जरूरत पड़ने पर इमरजेंसी सेवा देंगे डीएमए के सदस्य
आपात स्थिति में जरूरत पड़ने पर दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन (डीएमए) के सदस्य डाॅक्टर स्वेच्छा से अस्पतालों में इमरजेंसी सेवा देंगे। एसोसिएशन के अध्यक्ष डाॅ. गिरीश त्यागी ने बताया कि इच्छुक डाॅक्टर डीएमए के स्थानीय ब्रांच में अपना पंजीकरण करा सकते हैं।
निजी अस्पतालों में भी तैयारी

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्रालय के आदेश पर निजी अस्पतालों में भी तैयारी है। अस्पतालों के छत पर रेडक्रॉस का निशान बनाया जा रहा है। अस्पतालों में कंट्रोल रूम बनाया गया है। स्वास्थ्य विभाग के निर्देश के तहत अस्पतालों में दवाएं, सर्जरी उपकरण सहित अन्य सभी की पर्याप्त व्यवस्था करने को कहा गया था। डॉ. अजय स्वरूप का कहना है कि विभाग के आदेश के तहत अस्पताल में व्यवस्था की गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें