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Delhi NCR News: भारत-न्यूजीलैंड समझौते से भारतीय उत्पादों के लिए खुला विदेशी बाजार

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सदर बाजार से गांधी नगर तक के व्यापारियों को विदेशी बाजार में पहुंच की उम्मीद
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता मंगलवार से लागू हो गया है। इससे दिल्ली समेत भारतीय उत्पादों के लिए विदेशी बाजार में कारोबार बढ़ाने का रास्ता खुल गया है। भारतीय निर्यात को न्यूजीलैंड में शुल्क मुक्त पहुंच मिलेगी।
सदर बाजार के रेडीमेड कपड़ों, गांधी नगर के उपभोक्ता उत्पादों और कश्मीरी गेट, करोल बाग के ऑटो पार्ट्स जैसे कई क्षेत्रों के कारोबारी अब न्यूजीलैंड में अपना माल बेच सकेंगे। दिल्ली के थोक बाजार देशभर के कारोबारियों को सामान उपलब्ध कराते हैं। विदेशी बाजार में पहुंच से उनके ग्राहकों का दायरा बढ़ेगा। हालांकि, केवल शुल्क में राहत मिलने से ऑर्डर मिलना तय नहीं है। कारोबारियों को विदेशी खरीदार तलाशने, उत्पादों की मांग समझने और निर्यात की औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। समझौते के तहत न्यूजीलैंड ने भारत में 20 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश को सुगम बनाने की प्रतिबद्धता जताई है। दोनों देशों ने 2030 तक वस्तुओं और सेवाओं के द्विपक्षीय व्यापार को सात अरब न्यूजीलैंड डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
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छोटे कारोबारियों के लिए अवसर और चुनौतियां
निर्यात का अवसर छोटे कारोबारियों तक पहुंचाने में व्यापारिक संगठनों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उन्हें विदेशी खरीदारों से संपर्क बनाने में मदद मिल सकती है। निर्यात संबंधी दस्तावेज, उत्पादों के मानक और भुगतान की प्रक्रिया की जानकारी भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इससे छोटे कारोबारियों को विदेशी बाजार में पैठ बनाने में सहायता मिलेगी।



शून्य सीमा शुल्क से वस्त्र, चमड़ा, आभूषण और इंजीनियरिंग उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। इससे एमएसएमई, कारीगरों और निर्यातकों को लाभ होगा। — प्रवीण खंडेलवाल, महासचिव, कैट

मैं अब तक घरेलू बाजार में आभूषण बेचता रहा हूं। सही खरीदार, सुरक्षित भुगतान और माल भेजने की व्यवस्था मिले, तो छोटे कारोबारी भी निर्यात कर सकते हैं। — योगेश सिंघल, अध्यक्ष, ऑल बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन, चांदनी चौक

मैं सदर बाजार के उत्पादों की न्यूजीलैंड में मांग तलाशने का अवसर देखता हूं। हालांकि, निर्यात से पहले शुल्क, उत्पाद की श्रेणी और जरूरी शर्तों की जानकारी लेना आवश्यक है। — परमजीत सिंह, अध्यक्ष, बारी मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन, सदर बाजार

मैं ऑटो पार्ट्स के अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई संभावनाएं देखता हूं। इसके लिए गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों, समय पर आपूर्ति और भुगतान की सुरक्षा पर ध्यान देना होगा। — विनय नारंग, ऑटोमोबाइल पार्ट्स मर्चेंट्स एसोसिएशन, कश्मीरी गेट

शुल्क में राहत से भारतीय कपड़ों को न्यूजीलैंड में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी। हमें वहां के ग्राहकों की पसंद, डिजाइन, गुणवत्ता और कीमत के अनुरूप उत्पाद तैयार करने होंगे। — चंद्र अरोड़ा, कपड़ा व्यापारी, गांधी नगर
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मैं समझौते को लेकर व्यापारियों में जागरूकता की कमी देखता हूं। यदि शुल्क मुक्त निर्यात की सुविधा मिलती है, तो यह कारोबारियों के लिए खुशी की बात होगी। — आकाश, इलेक्ट्रॉनिक मार्केट, भागीरथ पैलेस
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