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नए साल में दूर होगा स्वाइन फ्लू का डर, देश में बना टीका भगाएगा H1N1 वायरस

Mon, 01 Jan 2018 01:58 PM IST
परीक्षित निर्भय/अमर उजाला, नई दिल्ली
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h1n1 vaccine - फोटो : अमर उजाला
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हर साल हजारों लोगों को मौत की नींद सुलाने वाली स्वाइन फ्लू बीमारी से जल्द ही निजात मिल सकती है। एच1एन1 वायरस के नए स्ट्रेन का टीका इस साल मार्च तक अस्पतालों में पहुंच जाएगा।

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इस देसी टीके को बनाने का जिम्मा तीन कंपनियों को सौंपा गया है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की निगरानी में इस टीके का फास्ट ट्रैक ट्रायल चल रहा है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इस साल जनवरी से लेकर 17 दिसंबर के बीच देश में 38429 मरीज स्वाइन फ्लू से ग्रस्त पाए गए। इनमें से 2232 मरीजों ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
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एक अधिकारी ने बताया कि पिछले एक साल से देश में स्वाइन फ्लू का नया मिशिगन स्ट्रेन देखने को मिल रहा है। कई राज्यों में इसकी पुष्टि हुई है। अनुसंधान से जुड़ी सभी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उम्मीद है कि सरकार बाजार में भी इस टीके को ला सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि 20 मार्च 2018 तक टीका उपलब्ध हो सकता है।

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क्या है मिशिगन स्ट्रेन

स्वाइन फ्लू
स्वाइन फ्लू के छह स्ट्रेन होते हैं। अलग-अलग समय पर कई देशों में अलग स्ट्रेन का संक्रमण देखा गया है। वर्ष 2009 में एच1एन1 वायरस के हिमाग्लूटिनिन1, न्यूरोमिनिडेज1-कैलीफोर्निया स्ट्रेन सामने आ चुके हैं।

2015 में पुणे की राष्ट्रीय प्रयोगशाला में नया स्ट्रेन मिशिगन देखने को मिला। एच1एन1 में एंटीजेनिक बदलाव से नया स्ट्रेन सामने आया है। मिशिगन स्ट्रेन आसानी और तेजी से मनुष्य के शरीर में प्रवेश कर मौत का खेल खेल सकता है। यह बाकी स्ट्रेन की तरह सर्द मौसम पर निर्भर नहीं रहता।

नया है मिशिगन वायरस
रोग प्रतिरोधक क्षमता इंसान को कई प्रकार के वायरस के हमले से बचाती है। मिशिगन स्ट्रेन प्रतिरोधक क्षमता के लिए बिल्कुल नया है। यदि यह इंसान के शरीर में प्रवेश करता है तो एंटीबॉडीज विकसित नहीं हो पाएगी। खासकर उन लोगों की, जो गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं।

राज्य         मरीज         मौत
महाराष्ट्र     6137     775
गुजरात     7703         431
राजस्थान     3307     255
दिल्ली     2835         12
यूपी         3857         132
उत्तराखंड     184     22
हरियाणा     252     09
हिमाचल प्रदेश 76     15
(सभी आंकड़े 17 दिसंबर 2017 तक)
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