साइबर सिटी में चिकनगुनिया का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। बीते 10 दिनों में 19 नए केस सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग अब तक 42 मामलों की पुष्टि कर चुका है।
जबकि संदिग्ध मरीजों की संख्या 90 पहुंच गई है।
वहीं, डेंगू भी धीरे-धीरे पैर पसार रहा है। 09 नए मामलों की पुष्टि होने के बाद अब तक जिले में 78 मामले की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने कर दी है। करीब 285 संदिग्ध मामले सामने आए हैं। जिनकी लैब टेस्ट के आधार पर पुष्टि की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग ने बीते 10 दिन में चिकनगुनिया के 90 संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए थे। जिसे टेस्ट के लिए लगाया था। टेस्ट के बाद इनमें 19 मामलों की पुष्टि हुई है। हालांकि कुछ मरीजों का इलाज चल रहा है तो कुछ ठीक हो गए हैं। अधिकांश मामले नए गुड़गांव के हैं। जबकि पुराने गुड़गांव और कॉलोनियों से डेंगू के मामले आ रहे हैं।
सिविल सर्जन डॉ. पुष्पा बिश्नोई का कहना है कि चिकनगुनिया वायरल बुखार है, लेकिन जानलेवा बुखार नहीं है। यह वायरल मच्छर के काटने से होता है। जो मरीज आ रहे हैं, उनका इलाज दिया जा रहा है। अगर थोड़ी सी सावधानी बरती जाए तो यह बीमारी होने की संभावना कम हो जाती है।
चिकनगुनिया के लक्षण
-बुखार के साथ जोड़ों में दर्द होता है।
-बुखार 5 से 7 दिन तक रहता है, लेकिन जोड़ों का दर्द बना रहता है।
-सिरदर्द, आंखों में समस्या होना, कमजोरी आना और नींद ना आना
चिकनगुनिया से कैसे करें बचाव
-बुखार में डॉक्टर की सलाह जरूर लें
-घर में कहीं भी पानी को जमा न होने दें
-घर के आसपास मच्छर मारने वाली दवा का छिड़काव करवाएं
-कूलरों की समय-समय पर सफाई करते रहें
-रात में सोते समय मॉस्कीटो रिपेलेंट और मच्छरदानी का इस्तेमाल करें
-पूरी बाजू के कपड़े पहनकर रखें