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Delhi NCR News: मेडिकल छात्रों पर बढ़ता मानसिक दबाव, समाधान की पहल तेज

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- तनाव, डिप्रेशन और आत्महत्या के मामलों पर चिंता, नई गाइडलाइन्स से मिलेगा सहारा
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। देशभर में मेडिकल छात्रों के बीच बढ़ती मानसिक समस्याओं को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है। इसी को देखते हुए इंडियन साइकियाट्री सोसायटी ने इस दिशा में ठोस पहल शुरू की है, जिसका उद्देश्य छात्रों में बढ़ते तनाव, डिप्रेशन और आत्महत्या के मामलों को रोकना है। विशेषज्ञों के अनुसार, मेडिकल छात्रों को लंबे समय तक पढ़ाई, लगातार परीक्षाओं का दबाव, इंटर्नशिप के दौरान अत्यधिक कार्यभार और कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही नींद की कमी, सामाजिक जीवन का अभाव और असफलता का डर मानसिक तनाव को और बढ़ा देते हैं। कई छात्र भावनात्मक रूप से अकेलापन महसूस करते हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो जाती है।


क्यों बढ़ रहा है संकट-
मानव व्यवहार एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान के वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. ओम प्रकाश का कहना है कि यह समस्या अब एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य मुद्दा बन चुकी है। उन्होंने बताया कि समय पर काउंसलिंग, पारिवारिक सहयोग और सकारात्मक माहौल से इस स्थिति को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
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सपोर्ट ग्रुप बनाने पर जोर-
इस चुनौती से निपटने के लिए मेडिकल कॉलेजों में नई गाइडलाइन्स तैयार की जा रही हैं। इसके तहत काउंसलिंग सेंटर की स्थापना, नियमित मानसिक स्वास्थ्य जांच, हेल्पलाइन और सपोर्ट ग्रुप बनाने पर जोर दिया जाएगा। साथ ही शिक्षकों को भी संवेदनशील बनाने और पढ़ाई के दबाव को संतुलित करने के प्रयास किए जाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल भविष्य के डॉक्टरों को बेहतर मानसिक संतुलन देने के साथ-साथ देश की स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।
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