चढ़ते पारे ने महंगी से महंगी कारों के एसी (एयर कंडीशन) भी फेल कर दिए हैं।
ऐसे में पुलिस के चेकिंग अभियान ने शहर के हाई प्रोफाइल लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। गर्मी से बचने के लिए कार के शीशों पर काली फिल्म लगाने के लिए सिफारिशों का खेल शुरू हो गया है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के आगे पुलिस भी बेबस नजर आ रही है।
भीषण गर्मी कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ रही है। चिलचिलाती धूप ने दुपहिया सवारों की जान निकालकर रख दी है। गर्मी के कहर से कार में बैठे लोग भी नहीं बच पा रहे हैं।
गर्मी से बचने के लिए शीशों पर काली फिल्म चढ़ाई जा रही है या फिर पर्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन ऐसे वाहनों के खिलाफ पुलिस ने अभियान छेड़ा हुआ है।
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एसपी ट्रैफिक कार्यालय में रोजाना ऐसे कई लोग आ रहे हैं जो कार के शीशों पर काली फिल्म लगाने की छूट चाहते हैं। कोई इसके लिए ऊंची सिफारिश लगवा रहा है तो कोई सुरक्षा का हवाला देकर फिल्म लगाने की मंजूरी मांग रहा है।
ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का हवाला देकर ऐसे लोगों को वापस लौटा रहे हैं, क्योंकि किसी के दबाव में छूट देकर अधिकारी अपनी परेशानी नहीं बढ़ाना चाहते।
एसपी ट्रैफिक सुनीता सिंह ने बताया कि वाहन के शीशों पर काली फिल्म या फिर किसी भी प्रकार का अवरोधक लगाने की छूट नहीं दी जा सकती। कई लोग जांच के दौरान ऊंची पहुंच का हवाला देकर चालान न काटने की बात कहते हैं, लेकिन ट्रैफिक पुलिस बिना किसी दबाव के अपना काम कर रही है।