शहर के अस्पतालों में अचानक रोगियों की संख्या बढ़ गई है। बुखार, सर्दी जुकाम, खांसी, शरीर में दर्द, गले में खराश, सिर दर्द, कमजोरी, अस्थमैटिक अटैक और निमोनिया के मरीज सबसे ज्यादा हैं।
डॉक्टरों के मुताबिक, मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण बड़ी संख्या में वायरस एक्टिव हो जाते हैं, जो लोगों को बीमार कर देते हैं। अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंच रहे रोगियों में औसत हर दूसरा व्यक्ति वायरल संक्रमण से पीड़ित है।
जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार को करीब 2500 रोगियों की ओपीडी हुई। एक हफ्ते में ओपीडी का औसत इसी संख्या के आसपास बना हुआ है। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. संतराम ने बताया कि इंफ्लूएंजा समेत तमाम तरह के वायरस इस समय एक्टिव हैं।
बदलते मौसम में शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है और वायरस आसानी से शरीर पर अटैक कर देते हैं। करीब 200 रोगियों की ओपीडी में करीब सौ रोगी ऐसे थे, जो बुखार, सर्दी जुकाम, खांसी, गले में दर्द, शरीर में दर्द, कमजोरी, अस्थमा और निमोनिया से पीड़ित हैं।
जेपी अस्पताल के सीनियर कंसलटेंट फिजीशियन डॉ. विनय लैब्रू ने बताया कि चिकनपॉक्स, गैस्ट्रोइंट्राइटिस के रोगी भी इलाज के लिए अस्पताल में पहुंच रहे हैं। 30 से 40 रोगियों में औसत 18 से 20 इन्हीं बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं।