जिले में पॉलीथिन की रोक के बावजूद दुकानदार ग्राहकों को पॉलीथिन में ही सामान दे रहे हैं। जिला प्रशासन की टीम भी बाजारों में कार्रवाई करते हुए नजर नहीं आई। हालांकि, कई जगह दुकानदार जागरूकता दिखाते हुए खुद ही कपड़े के थैले में सामान दे रहे थे।
साथ ही, दुकानों के बाहर पॉलीथिन पर रोक को लेकर बोर्ड लगा दिया गया था। मॉल्स की दुकानों और बड़े-बड़े शोरूम को पहले ही नोटिस भेजकर रोक जानकारी दी जा चुकी है जिससे पेपर के थैली में ही सामान दिया गया।
सब्जी विक्रेताओं के पास कपड़े के बैग नहीं थे, इसलिए चुपके-चुपके पॉलीथिन में ग्राहकों को सब्जियां दे रहे थे। शहर की हरौला, इंदिरा, अट्टा मार्केट आदि में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। हरौला मार्केट के एक सब्जी विक्रेता ने बताया कि कपड़े के थैले बनाने का ऑर्डर दिया हुआ है।
उन्हें बनने में 2 दिन का समय लगेगा। वहीं, मदर डेयरी बूथों पर कपड़े के बैग में ही सामान दिया जा रहा है, लेकिन यहां पर 2 रुपये में 2 किलो व 3 रुपये में 5 किलो तक के कपड़े का थैला मिल रहा है।
नोएडा डिस्ट्रीब्यूशन एसोसिएशन ने हरौला मार्केट के दुकानदारों को कपड़े के थैले बांटे। एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील कुमार सिंघल ने बताया कि संस्था ने 10 हजार थैले बनवाए थे जो सभी दुकानदारों को दिए जा चुके हैं। अब दुकानदारों को अपने स्तर पर थैले बनवाने होंगे।