मच्छरों की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने से उन पर कीटनाशक और लार्विसाइड का असर नहीं हो रहा है। इसलिए नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी कमेटी ने डेंगू मलेरिया की रोकथाम के लिए अब तीन अलग-अलग दवाओं के छिड़काव करने का निर्णय लिया है।
नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी कमेटी के मुताबिक एक नए शोध में पाया गया है कि डेंगू मलेरिया की रोकथाम के लिए जिन कीटनाशकों का छिड़काव किया जा रहा है वह मच्छरों पर बेअसर हैं।
इसलिए अब तीन अलग-अलग दवाएं छिड़की जाएंगी। पीआईपी( प्रोग्राम इंप्लीमेंटेशन प्लान) के आते ही नए प्रोग्राम में इसे शामिल कर लिया जाएगा।
एडवाइजरी कमेटी की बैठक में कई राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ यूपी का प्रतिनिधित्व गाजियाबाद के सीएमओ डा. अजेय अग्रवाल और जिला मलेरिया अधिकारी ने किया।
सभी सदस्यों की सहमति के बाद इस प्रस्ताव को पास कर कुछ खामियों को दूर करते हुए नए प्रोग्राम में इसे शामिल करने का निर्णय लिया गया।
अभी मच्छरों की रोकथाम के लिए टेमीफॉस का छिड़काव किया जाता है। लेकिन अब टेमीफॉस के अलावा डाईफ्लू बेंजूरान, डाइफ्रेनोथ्रीन, पायरीप्रोक्सीफ्रेन भी छिड़की जाएंगी।
इनमें से कुछ लिक्विड और कुछ ग्रेनुअल्स फार्म में हैं। सीएमओ डा. अजेय अग्रवाल ने बताया कि बैठक में यह प्रस्ताव रखा गया था जिसपर आम सहमति बन गई है। पीआईपी के आते ही इस पर मुहर लग जाएगी।