राजनीतिक साजिश के कारण रावण के पुतले को बगैर जलाए तोड़फोड़ कर फि कवाने की घटना की श्री सनातन धर्म महावीर दल ने कड़े शब्दों में निंदा की है और इसे धर्म के विरुद्ध करार दिया है।
ऑल इंडिया श्री सनातन धर्म महावीर दल के प्रधान महंत स्वरूप बिहारी का कहना है कि राम मंदिर के नाम पर राजनीति करने वालों ने राम के ही कार्य में विघ्न पैदा कर सनातन परंपरा के खिलाफ कार्य किया है।
प्रेस को जारी बयान में महंत स्वरूप बिहारी ने इस पर रोश व्यक्त किया और कहा कि इस मुद्दे पर वे आगामी सोमवार 17 अक्तूबर को शहर की सभी संस्थाओं के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से सरकार के नुमाइंदों ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर जनता की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, उसके लिए जनता कभी इन्हें माफ नहीं करेगी।
ओछी राजनीति ने 66 वर्षों की पुरानी परंपरा को तोड़कर साबित कर दिया है कि जनता की भावनाओं से खेलकर केवल वोट ऐंठना ही इस सरकार का मकसद है।
प्रशासन के कहने पर गायब किया गया पुतला
सूत्रों के मुताबिक दशहरा मैदान में बगैर जले पड़े रावण के पुतले को जिला प्रशासन के इशारे पर वहां से हटवाकर गायब कर दिया गया।
क्योंकि दशहरे के दिन पुतले की रखवाली में पुलिस बल लगाना पड़ा था। अगले दिन जिला प्रशासन के एक उच्चाधिकारी ने निगम अधिकारी को फोनकर पुतला हटवाने का आदेश दिया।
प्रशासन से आदेश मिलते ही निगम अधिकारी ने जेसीबी मशीन भेजकर पुतले को तुड़वाकर गुप्त स्थान पर फिकवा दिया। इसको लेकर भी प्रशासन और नगर निगम की खूब किरकिरी हुई।