लाइसेंस बनवाने के लिए एआरटीओ कार्यालय में लगी भीड़
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मोटर वाहन (संशोधित) अधिनियम का असर दिल्ली परिवहन प्राधिकरण पर भी पड़ा है। इन दिनों यहां ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों की लाइनें लग रही हैं। अधिनियम लागू होने के पहले परमानेंट, लर्नर और लाइसेंस रिन्यू को लेकर सभी अथॉरिटी में रोज 1250-1300 आवेदन होते थे, अब यह आंकड़ा 1500-1700 पहुंच गया है। इसी तरह, वाहनों का इंश्योरेंस कराने वालों की तादाद भी काफी बढ़ गई है। इंश्योरेंस समय से कराने वाले भी मोटे चालान का डर ही इसका कारण बता रहे हैं।
भारी चालान का असर दिल्ली की ट्रैफिक व्यवस्था पर दिख रहा है। नियम-कायदों की अनदेखी में कमी आई है। प्रदूषण जांच केंद्रों पर भी भारी भीड़ है। ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने वाली अथॉरिटी पर भीड़ बढ़ी है। एक अधिकारी ने बताया कि बड़ी संख्या में लोग लर्निंग लाइसेंस लेने पहुंच रहे हैं। इसकी अवधि खत्म होने के बाद स्थायी लाइसेंस लेने वालों की संख्या भी बढ़ गई है। अब तक लर्निंग लाइसेंस बनवाने के बाद युवा इसे स्थायी नहीं कराते थे। शेख सराय अथॉरिटी में स्थायी और लर्निंग लाइसेंस लेने के लिए पहले रोज सौ से डेढ़ सौ आवेदन आते थे। अब इनकी संख्या दो से ढाई सौ हो गई है।
पहले लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए रोज करीब 150 आवेदन आते थे, इनकी संख्या भी 250 से से 300 तक पहुंच गई है। दिल्ली के सभी 13 आरटीओ ऑफिस में आवेदकों की संख्या बढ़ गई है। भीड़ को देखते हुए शेख सराय अथॉरिटी में नए हॉल का निर्माण किया गया है। यहां उन लोगों के लिए विशेष तौर पर 8 अतिरिक्त काउंटर बनाए जाएंगे, जो ऑनलाइन आवेदन करने में असमर्थ हैं। इस नए हॉल का उद्घाटन शुक्रवार को होगा। आईटीओ अथॉरिटी में भी अतिरिक्त काउंटर लगाकर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया समझाई जा रही है। इसके साथ ही आवेदन भी स्वीकृत किए जा रहे हैं।
वाहनों का इंश्योरेंस करने वालों की भी इन दिनों जबरदस्त मांग है। कई इंश्योरेंस एजेंट तो इसके लिए बाकायदा टोकन जारी कर रहे हैं। एक एजेंट आकाश का कहना है कि पहले रोज एक या दो लोग ही पहुंचते थे। अब ऐसे लोग भी आ रहे हैं, जिन्होंने खरीदने के बाद कभी वाहन इंश्योरेंस कराया ही नहीं था। इसी तरह बड़ी संख्या में ऑटो व टैक्सी चालक भी वाहनों का इंश्योरेंस कराने पहुंच रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इन दिनों हर एजेंट दो सौ से अधिक वाहनों का इंश्योरेंस कर रहा है। पहले यह केवल दो-चार तक ही सिमट जाता था। इंश्योरेंस केंद्रों पर कई ऑटो चालक यह भी चर्चा करते दिखे कि समय से इंश्योरेंस कराना जरूरी है, क्योंकि जरा सी चूक भी भारी जुर्माने का सबब बन सकती है।